main unki nigaahon men jab dekhta hooñ | मैं उनकी निगाहों में जब देखता हूँ

  - Deep kamal panecha
मैंउनकीनिगाहोंमेंजबदेखताहूँ
तोयूँँलगताहैउनकेदिलकीदवाहूँ
येक्याइश्क़सेइसक़दरमैंजुड़ाहूँ
कीजैसेमुकम्मलजहाँसेख़फ़ाहूँ
मुझेमतसँभालोमैंपागलबनाहूँ
जानेकहाँयादोंमेंचलपड़ाहूँ
मुझेदेखेंहीमारोंसबपत्थरोंसे
मैंबिनउसकेजैसेकोईबद्दुआहूँ
मुहब्बतमुहब्बतमुहब्बतमुहब्बत
मुकम्मलमैंइसलफ़्ज़काहोगयाहूँ
मुझेदेखोतुम,मतडरोइश्क़वालो
मैंसबहारकेजीनेकाहौसलाहूँ
किसीग़ैरकाज़िक्रक्यूँँकरताहैतू
तुझेक्यानहींइल्मभीमैंतिराहूँ
कईइससेेपहलेभीबिछड़ेथेमुझसे
उसेक्यूँँखोनेकीज़िदपेअड़ाहूँ
अगरजिस्मसेउसकेचाहतहैमुझको
तोफिरमासख़ुदकाहीमैंनोचताहूँ
याइसबारयेशख़्समेरायामैंख़त्म
मेरेख़ुदातुझकोबतलारहाहूँ
बुराहूँयाअच्छाहूँचाहेजोभीहूँ
मगरउसहसीनाकेदिलकापताहूँ
वोघबराकेसीनेसेलगजाएमेरे
शब-ओ-रोज़तरकीबेंयेसोचताहूँ
  - Deep kamal panecha
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy