banaa rakhta yuñ to vo dil ko patthar hai | बना रखता यूँँ तो वो दिल को पत्थर है

  - Deep kamal panecha
बनारखतायूँँतोवोदिलकोपत्थरहै
मगरमुझकोतोकहताआपकाघरहै
वोलड़कीइकतोबेहदख़ूब-सूरतहै
कमरकाउसकातिलऊपरसेसुंदरहै
मैंउससेेमिलनेकोबेताबरहताहूँ
किलोमीटरमगरसौपूरेपरघरहै
मुहब्बतकेहमारीक्यायेमंज़रहैं
कभीगुलतोकभीहाथोंमेंख़ंजरहै
यहाँतय्यारहूँमैंमरनेकोयारब
खड़ालेकिनकहाँतोउसकालश्करहै
हैंहमघाइलछेड़ेकोईभीहमको
हमारेसीनेमेंलौआँखख़ूँतरहै
गुज़ारिशलोगकरतेउनपेलिखनेकी
मगरये'दीप'बसतेराहीशाइरहै
सँभालूँकिसकोमैंकिसकोकहाँरक्खूँ
येतर्ज़-ए-इश्क़मेरीज़ीस्तअबतरहै
फ़क़तबर्बादथामैंहूँरहूँगाभी
चलोंमतसाथतुममेरेतोबेहतरहै
  - Deep kamal panecha
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