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Chetan
jo kaha tha vo kiya to kya khata mujhse hui hai
jo kaha tha vo kiya to kya khata mujhse hui hai | जो कहा था वो किया तो क्या खता मुझ सेे हुई है
- Chetan
जो
कहा
था
वो
किया
तो
क्या
खता
मुझ
सेे
हुई
है
बे-वफ़ा
से
की
वफ़ा
फिर
वो
खफ़ा
मुझ
सेे
हुई
है
जिस
नज़र
से
ज़िंदगी
को
देख
मरता
मर
चुका
है
उस
नज़र
से
की
मोहब्बत
क्या
जफ़ा
मुझ
सेे
हुई
है
- Chetan
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तुम
मेरी
पहली
मोहब्बत
तो
नहीं
हो
लेकिन
मैंने
चाहा
है
तुम्हें
पहली
मोहब्बत
की
तरह
Wasi Shah
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इस
कदर
मत
उदास
हो
जैसे
ये
मोहब्बत
का
आख़िरी
दिन
है
Idris Babar
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कुछ
इस
लिए
भी
तेरी
आरज़ू
नहीं
है
मुझे
मैं
चाहता
हूँ
मेरा
इश्क़
जावेदानी
हो
Vipul Kumar
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मोहब्बत
का
नहीं
इक
दिन
मुकर्रर
मोहब्बत
उम्रभर
का
सिलसिला
है
Neeraj Naveed
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उन
आँखों
का
मुझ
से
कोई
वा'दा
तो
नहीं
है
थोड़ी
सी
मोहब्बत
है
ज़ियादा
तो
नहीं
है
Firasat rizvi
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हुआ
जो
इश्क़
तो
वो
रोज़
ओ
शब
को
भूल
गए
वो
अपने
इश्क़
ए
नुमाइश
में
सब
को
भूल
गए
कहाँ
वो
दुनिया
में
आए
थे
बंदगी
के
लिए
मिला
सुकून
जहाँ
में
तो
रब
को
भूल
गए
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Hameed Sarwar Bahraichi
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इश्क़
के
इज़हार
में
हर-चंद
रुस्वाई
तो
है
पर
करूँँ
क्या
अब
तबीअत
आप
पर
आई
तो
है
Akbar Allahabadi
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तेरे
बग़ैर
ख़ुदा
की
क़सम
सुकून
नहीं
सफ़ेद
बाल
हुए
हैं
हमारा
ख़ून
नहीं
न
हम
ही
लौंडे
लपाड़ी
न
कच्ची
उम्र
का
वो
ये
सोचा
समझा
हुआ
इश्क़
है
जुनून
नहीं
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Shamim Abbas
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ऐ
मौज-ए-हवादिस
तुझे
मालूम
नहीं
क्या
हम
अहल-ए-मोहब्बत
हैं
फ़ना
हो
नहीं
सकते
Asad Bhopali
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ज़िंदगी
यूँँही
बहुत
कम
है
मोहब्बत
के
लिए
रूठ
कर
वक़्त
गँवाने
की
ज़रूरत
क्या
है
Unknown
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कितना
ख़ामोश
हो
के
बैठा
हूँ
तेरी
आवाज़
सुनने
बैठा
हूँ
कौन
है
ये
जो
लौट
आया
है
कौन
हूँ
कब
से
याँ
पे
बैठा
हूँ
मिन्नतें
जिस
सेे
की
कहाँ
आया
किस
से
नज़रें
चुराए
बैठा
हूँ
तब
कि
जब
तू
कहीं
नहीं
होगा
कब
से
वो
लम्हा
टाले
बैठा
हूँ
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Chetan
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तुझको
लगता
अबस
ख़सारा
है
ये
मेरा
आख़िरी
तमाशा
है
इश्क़
से
जो
नज़र
चुराते
हैं
जानते
हैं
हमें
हुआ
क्या
है
इस
जनम
में
ही
हम
मिले
थे
क्या
भूलना
हिज्र
में
क़ज़ा
सा
है
दुख
है
तेरे
बग़ैर
जीना
भी
जान
लेने
में
मेरी
हारा
है
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Chetan
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इस
मिलन
की
रात
का
अब
क्या
करें
जो
मिली
उस
मात
का
अब
क्या
करें
हम
तुझे
अपना
बनाने
चल
दिए
लौटी
घर
बारात
का
अब
क्या
करें
हाथ
थामा
क्यूँ
नहीं
तुमने
मेरा
याद
की
ख़ैरात
का
अब
क्या
करें
छोड़
जाते
हैं
ग़रीबी
में
सभी
लिखने
वाले
ज़ात
का
अब
क्या
करें
आदतन
जलते
रहे
जो
उम्र
भर
मौसमी
बरसात
का
अब
क्या
करें
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हमने
तैयारी
की
नहीं
लेकिन
वो
जनम
दिन
मना
ही
लेता
है
Chetan
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सारे
किरदार
रूठ
जाएँगे
गर
मुखोटा
नहीं
लगाऊँ
मैं
Chetan
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