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Chetan
hai saza har gunaah kii uski
hai saza har gunaah kii uski | है सज़ा हर गुनाह की उसकी
- Chetan
है
सज़ा
हर
गुनाह
की
उसकी
ज़ख़्म
अपनी
जवाब-दारी
है
- Chetan
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ये
तो
कहिए
इस
ख़ता
की
क्या
सज़ा
मैं
जो
कह
दूँ
आप
पर
मरता
हूँ
मैं
Dagh Dehlvi
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अपनी
दुनिया
भी
चल
पड़े
शायद
इक
रुका
फ़ैसला
किया
जाए
Madan Mohan Danish
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मुझ
से
क्या
हो
सका
वफ़ा
के
सिवा
मुझ
को
मिलता
भी
क्या
सज़ा
के
सिवा
Hafeez Jalandhari
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सज़ा
कितनी
बड़ी
है
गाँव
से
बाहर
निकलने
की
मैं
मिट्टी
गूँधता
था
अब
डबलरोटी
बनाता
हूँ
Munawwar Rana
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ख़ूब-सूरत
ये
मोहब्बत
में
सज़ा
दी
उसने
फिर
गले
मिलके
मेरी
उम्र
बढ़ा
दी
उसने
Manzar Bhopali
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बिछड़ते
वक़्त
भी
हिम्मत
नहीं
जुटा
पाया
कभी
भी
उस
को
गले
से
नहीं
लगा
पाया
किसी
को
चाहते
रहने
की
सज़ा
पाई
है
मैं
चार
साल
में
लड़की
नहीं
पटा
पाया
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Shadab Asghar
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हसीन
लड़की
से
दिल
लगाना
भी
इक
ख़ता
है
मुझे
पता
है
अगर
सज़ा
में
मिले
क़ज़ा
तो
अलग
मज़ा
है
मुझे
पता
है
Jatin shukla
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वो
मेरा
जब
न
हो
सका
तो
फिर
यही
सज़ा
रहे
किसी
को
प्यार
जब
करूँँ
वो
छुप
के
देखता
रहे
Mazhar Imam
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ये
जब्र
भी
देखा
है
तारीख़
की
नज़रों
ने
लम्हों
ने
ख़ता
की
थी
सदियों
ने
सज़ा
पाई
Muzaffar Razmi
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आधी
आधी
रात
तक
सड़कों
के
चक्कर
काटिए
शा'इरी
भी
इक
सज़ा
है
ज़िंदगी
भर
काटिए
कोई
तो
हो
जिस
से
उस
ज़ालिम
की
बातें
कीजिए
चौदहवीं
का
चाँद
हो
तो
रात
छत
पर
काटिए
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Nisar Nasik
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जिनकी
नर्मी
से
जल
गया
था
मैं
उनकी
सख़्ती
से
आग
लगती
है
Chetan
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आप
तो
जानते
हो
क्या
होगा
इस
तजुर्बे
से
कुछ
नया
होगा
ये
मेरे
ग़म
हैं
और
लाचारी
जाने
अब
इनके
साथ
क्या
होगा
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Chetan
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यूँँ
तुझे
ढूँढ़ना
हुआ
मुश्किल
तेरी
यादें
ही
बन
गई
हाइल
मेरे
एहसास
थे
तवाज़ुन
में
फिर
हुआ
वो
हयात
में
दाख़िल
आख़िरी
बार
मिलना
बाक़ी
है
हिज्र
मुझ
पर
हुआ
नहीं
नाज़िल
जब
कि
क्या
क्या
नहीं
था
दरिया
में
फिर
भी
प्यासा
ही
रह
गया
साहिल
पहले
हैरान
था
मगर
फिर
मैं
अपनी
बर्बादी
में
हुआ
शामिल
बाढ़
आते
ही
कर
गया
हिजरत
तू
भी
ऐनक
के
जैसे
था
वासिल
जिसको
मिलती
है
वो
बताता
है
इस
सड़क
की
नहीं
कोई
मंज़िल
इतनी
मुश्किल
न
थी
शहंशाही
कोई
भूखा
था
कोई
था
बुज़दिल
एक
काँधा
ज़रूरी
है
सबको
चाहे
मातम
हो
या
कोई
महफ़िल
मेरे
क़ाबिल
नहीं
रही
दुनिया
मुझको
छोड़ा
नहीं
किसी
क़ाबिल
मुझ
में
अफ़सोस
बन
के
बैठी
है
इक
दु'आ
जो
नहीं
हुई
कामिल
चोट
खा
कर
जो
हँस
दिया
था
मैं
मारने
वाला
हो
गया
चोटिल
हाल
ये
है
कि
हाल
को
मेरे
कोस
कर
मर
चुका
है
मुस्तक़बिल
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Chetan
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जिस
सेे
उम्मीद
थी
कि
रोकेगा
अलविदा
भी
नहीं
कहा
उसने
Chetan
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अपनों
को
हारा
है
तग़ाफ़ुल
में
ग़ैरों
से
बातें
बहर
में
होंगी
Chetan
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