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Chetan
shahar men jaane kaise rahte ho
shahar men jaane kaise rahte ho | शहर में जाने कैसे रहते हो
- Chetan
शहर
में
जाने
कैसे
रहते
हो
बारहा
गाँव
आते
रहते
हो
आपके
बाद
रहना
मुश्किल
है
ऐसे
क्यूँ
साथ
मेरे
रहते
हो
इक
वो
जो
बात
साफ़
दिखती
है
इक
जो
आँखों
से
कहते
रहते
हो
अब
नए
तौर
का
उजाला
है
तुम
हो
लपटों
में
जलते
रहते
हो
मान
कर
अपना
उसके
लोगों
को
सच
कहो
तन्हा
कितने
रहते
हो
उस
सेे
तुम
बात
क्यूँ
नहीं
करते
जिसकी
तुम
बातें
करते
रहते
हो
- Chetan
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घाव
भर
देगा
ये
बयाँ
करना
ज़ख़्मों
पर
इतना
क्यूँ
गुमाँ
करना
रोकना
मत
कि
माँ
की
आदत
है
बाद
सोने
के
थपकियाँ
करना
मेरा
आराम
तेरी
बाहें
थी
तेरे
हाथों
में
है
तपाँ
करना
वक़्त
से
पहले
मर
गया
है
जो
कहता
था
इश्क़
जावेदाँ
करना
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Chetan
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राम
मैं
भी
नहीं
न
रावण
वो
सीता
जिसको
चुने
वो
राम
बने
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मौत
मालूम
हो
ख़ता
मेरी
सब
सेे
कहना
मदद
नहीं
माँगी
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जाने
कैसी
वो
मौत
थी
जिस
सेे
आत्म
हत्या
की
तो
बचा
था
वो
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बिछड़े
तो
वक़्त
हो
गया
सीते
मुझको
रावण
नहीं
मिला
अब
तक
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