रहताहैरोज़–ओ–शबयूँँहीदिलइज़्तिराबमें
रग़बतनेंहमकोडालदियाकिसअज़ाबमें
सब्र-ओ-क़रारअबतोबसआएँगेख़्वाबमें
इकलम्हा-ए-सुकूँभीनहींहैहिसाबमें
आयाहैअबकेयादकोईशख़्सइसतरह
निकलाहोजैसेफूलपुरानीकिताबमें
जिसमेंजुदाहुईहोतमन्नाज़मीरसे
हमकोवोपलमिलाहीनहींएहतिसाबमें
आयातोहैपतेपेमगरग़ैरकेहैनाम
लिक्खूँभलामैंक्यातेरेख़तकेजवाबमें
सम्त–ए–ग़दीरकीजोत'अम्मुलसेइकनिगाह
सहरादिखाईदेनेलगानक़्श-ए-आबमें
मख़मूरउस‘अभी’कोहोतुमढूँढतेकहाँ
होगाकहींअसीरवोदौर–ए–शराबमें