दिल-ए-नाशादमेंइसतौरतेरीयादरहे
जैसेरातोंमेंभटकताकोईशब-ज़ादरहे
मेरेहोतेहुएसालिमपज़रूरीतोनहीं
कोह-ए-अंदोह-ओ-ग़म-ओ-यासमेरेबादरहे
वहशत-ए-ज़ातहोफिरयाहोग़म-ए-तन्हाई
मैंनहींकोईतोइसबैतमेंआबादरहे
मसअलाहलनकोईज़ुल्म-ओ-तशद्दुदसेहुआ
फिरभीकुछलोगयहाँमाइल-ए-बेदादरहे
वक़्त-ए-मा'हूदभीइससम्ततवज्जोहहीनहीं
ऐसेहालातमेंक्याहसरत-ए-फ़रियादरहे
मैंउसेयादनआऊँतोकोईबातनहीं
वोमुझेभूलभीजाएतोमुझेयादरहे
हो‘अभी’क़ैद-ए-क़फ़समेंतोयहीबेहतरहै
ताइर-ए-'अक़्लअगरजानिब-ए-सय्यादरहे