qaraar dil ko mire raat-bhar nahin aaya | क़रार दिल को मिरे रात–भर नहीं आया

  - Abhishek Bhadauria 'Abhi'
क़रारदिलकोमिरेरात–भरनहींआया
नज़रवोचाँदमुझेता–सहरनहींआया
जोएकशख़्सकभीसाथछोड़करगया
गयावोशख़्सतोफिरलौटकरनहींआया
मुझेदिखातोफ़क़तप्यारउसकीआँखोंमें
नज़रमेंउसकीथाक्यावोनज़रनहींआया
मैंजंगजीतगयापररहामलालयही
किजंगलड़नेवोसीना-सिपरनहींआया
कहाथामैंनेवोलड़कासहीनहींलेकिन
यक़ीनउसकोमिरीबातपरनहींआया
वोकिससेेमिलनेभलाबन-सँवरकेजाताहै
जोहमसेेमिलनेकभीबन-सँवरनहींआया
दिखाथाख़्वाबमेंवोरास्तामुझेजिसपर
चलाबहुतमैंमगरयारघरनहींआया
तमामउम्रमुहब्बतमेंबे–वफाईकी
तमामउम्रहमेंयेहुनरनहींआया
  - Abhishek Bhadauria 'Abhi'
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