kashmakash | "कश्मकश"

  - Betaab Murtaza
"कश्मकश"
अजीबकश्मकशमें
मनजिसकेवशमें
तरह-तरहकेसवालहैं
मिलतेजवाबहैं
सचकीतलाशहै
मिलतेजवाबहैं
किसेकहूँ
कहाँजाऊँ
सुकूँ-ए-दिलकहाँसेलाऊँ
हाल-ए-दिलबयाँकिया
बेताबीमेंक़लमउठायीलिखलिया
जैसेढूँढताहैपरिंदाअपनेअधिकारोंको
वैसेढूँढ़तूभीअपनेजवाबोंको
  - Betaab Murtaza
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