ऐदिलबतातूहोरहाबेताबक्यूँ
मायूसियोंकातुझपेहैंसैलाबक्यूँ
फ़िक्र-ओ-तरद्दुदज़िंदगीकेहिस्सेहैं
फिरदेखताबसख़ुशियोंकेहीख़्वाबक्यूँ
जोनेमतेंतुझकोमिलीगिनतानहीं
फिरजोनहींबसवोभलानायाबक्यूँ
मिट्टीहैमिट्टीमेंहीमिलजाएगातू
ख़ुदकोसमझतारहताहैअर्बाबक्यूँ
हरहालमेंबससब्रसेहीकामलें
येयादतूरखतानहीं‘बेताब’क्यूँ