badgumaani ki ab intiha chahiye | बदगुमानी की अब इंतिहा चाहिए

  - Basudeo Agarwal
बदगुमानीकीअबइंतिहाचाहिए
ज़िंदगीकीनईइब्तिदाचाहिए
लूसीनफ़रतकीझेलींबहुतआँधियाँ
ठंडदेअबवोबाद-ए-सबाचाहिए
मेरीनाकामियोंसेभरीकश्तीको
पारकरदेवोअबनाख़ुदाचाहिए
राह-ए-उल्फ़तमेंअबतकमिलींठोकरें
इश्क़काआख़िरीमरहलाचाहिए
देशकाऔरख़ुदकाउठासरचलूँ
दिलमेंवैसीहीमुझकोअनाचाहिए
नेस्तनाबूददुश्मनकोकरतेसमय
जानदेमैंसकूँवोकज़ाचाहिए
पेशसबसेेमुहब्बतसेआया'नमन'
कुछतोउसकोभीइसकासिलाचाहिए
  - Basudeo Agarwal
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