hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ashutosh Kumar "Baagi"
meraa haal pata bhi hai ya
meraa haal pata bhi hai ya | मेरा हाल पता भी है या
- Ashutosh Kumar "Baagi"
मेरा
हाल
पता
भी
है
या
नेकी
कर
के
भूल
गए
हो
- Ashutosh Kumar "Baagi"
Download Sher Image
रास्ता
भूल
के
आ
निकले
हैं
हम
तेरे
लोग
नहीं
थे
दुनिया
Ashraf Yousafi
Send
Download Image
30 Likes
और
क्या
चाहती
है
गर्दिश-ए-अय्याम
कि
हम
अपना
घर
भूल
गए
उन
की
गली
भूल
गए
Jaun Elia
Send
Download Image
124 Likes
अब
तो
हर
बात
याद
रहती
है
ग़ालिबन
मैं
किसी
को
भूल
गया
Jaun Elia
Send
Download Image
43 Likes
चाहे
तो
कोशिश
कर
लो
दावा
है
भूल
न
पाओगी
जब
भी
ज़िक्र-ए-वफ़ा
होगा
तुम
मेरे
शे'र
सुनाओगी
Harsh saxena
Send
Download Image
4 Likes
एक
मुद्दत
से
तिरी
याद
भी
आई
न
हमें
और
हम
भूल
गए
हों
तुझे
ऐसा
भी
नहीं
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
40 Likes
सब
से
पुर-अम्न
वाक़िआ
ये
है
आदमी
आदमी
को
भूल
गया
Jaun Elia
Send
Download Image
61 Likes
जमाना
भूल
पायेगा
नहीं
अपनी
मुहब्बत
छपेंगे
क्लास
दसवीं
में
सभी
किस्से
हमारे
Shubham Seth
Send
Download Image
32 Likes
सुब्ह
तक
वज्ह-ए-जाँ-कनी
थी
जो
बात
मैं
उसे
शाम
ही
को
भूल
गया
Jaun Elia
Send
Download Image
49 Likes
इस
ज़िन्दगी
में
इतनी
फ़राग़त
किसे
नसीब
इतना
न
याद
आ
कि
तुझे
भूल
जाएँ
हम
Ahmad Faraz
Send
Download Image
41 Likes
उसे
अभी
भी
मेरे
दिल
के
हाल
का
नहीं
पता
तो
यानी
उसको
अपने
घर
का
रास्ता
नहीं
पता
ये
तेरी
भूल
है
ऐ
मेरे
ख़ुश-ख़याल
के
मुझे
पराई
औरतों
से
तेरा
राब्ता
नहीं
पता
Read Full
Ruqayyah Maalik
Send
Download Image
32 Likes
Read More
किसकी
बारी
है
अब
मियाँ
मुझ
में
कौन
लेता
है
हिचकियाँ
मुझ
में
काश
मंज़िल
कोई
मुझे
कहता
सबको
दिखती
हैं
सीढ़ियाँ
मुझ
में
रोज़
किरदार
एक
मरता
है
टूटी
रहती
हैं
चूड़ियाँ
मुझ
में
क़ब्र
हूँ
और
चलती
फिरती
हूँ
दफ़्न
कितनी
हैं
सिसकियाँ
मुझ
में
क़ुर्बतों
का
सिला
मिला
ऐसा
रह
गईं
हैं
तो
दूरियाँ
मुझ
में
मैं
तो
कमज़र्फ़
एक
सहरा
हूँ
ढूँढ़ती
है
वो
सीपियाँ
मुझ
में
गर्मियों
में
मुझे
वो
छोड़
गया
जिसने
काटी
थीं
सर्दियाँ
मुझ
में
इश्क़
के
फूल
जो
खिले
मुझ
में
छोड़
दी
हिज्र
बकरियाँ
मुझ
में
तुग़लक़ी
हुक्म
उसके
आते
हैं
फिर
उजड़ती
हैं
दिल्लियाँ
मुझ
में
Read Full
Ashutosh Kumar "Baagi"
Download Image
6 Likes
है
बहुत
लंबी
ज़िन्दगी
मेरी
हाँ,
मेरे
कान
तक
तो
आती
है
Ashutosh Kumar "Baagi"
Send
Download Image
3 Likes
उसे
अपना
बनाना
चाहता
था
यही
सारा
ज़माना
चाहता
था
अब
इक
तस्वीर
बनकर
रह
गया
हूँ
हमेशा
मुस्कुराना
चाहता
था
बस
इक
ज़रिया
थी
मेरी
ख़ुद-कुशी
जाँ
मैं
उसका
दिल
दुखाना
चाहता
था
क़ज़ा
से
डर
नहीं
लगता
है
लेकिन
ज़रा
बस
शायराना
चाहता
था
जो
लड़का
रह
गया
मुनकिर
ही
होकर
ख़ुदा
तुमको
बनाना
चाहता
था
Read Full
Ashutosh Kumar "Baagi"
Download Image
2 Likes
इश्क़
पहले
बना
था
जाने
जाँ
नींद
की
गोलियाँ
बनीं
थीं
फिर
Ashutosh Kumar "Baagi"
Send
Download Image
13 Likes
कान्हा
हो
तुम
लेकिन
मैं
राधा
हूँ
या
मीरा
हूँ
Ashutosh Kumar "Baagi"
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Good morning Shayari
Satire Shayari
Kashmir Shayari
Irada Shayari
Hasrat Shayari