khwaish-e-gair jo kiya kijeye | ख़्वाइश-ए-गैर जो किया कीजे

  - Azhar
ख़्वाइश-ए-गैरजोकियाकीजे
दिलजलोंसेतोमशवराकीजे
इश्क़मेंसोचतेनहींइतना
अक़्लकमदिलसेफ़ैसलाकीजे
दाग़सारेयेकहरहेमुझसेे
अपनेज़ख्मोकोफिरहराकीजे
अबरहीचुपज़ुबाँतोख़तराहै
बेसबबचीख़तेरहाकीजे
वक़्तकीचालसेहैंसबआजिज़
अबघड़ीकोभीइत्तिलाकीजे
हमनेसोचाकिगाँवचलतेहैं
ख़तमिलापैसेफरसताकीजे
उसकीतकदीरमेंहोशहजादा
आपभीसाथमेंदु'आकीजे
जारहेंइश्क़जावेदाकरके
जिस्म-ए-फ़ानीकोअलविदाकीजे
मेरीबातोंकासीधामतलबहै
सोचउल्टीअगरज़राकीजे
  - Azhar
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