hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Azhan 'Aajiz'
usne babool ko bhi makhmal banaa diya
usne babool ko bhi makhmal banaa diya | उसने बबूल को भी मख़मल बना दिया
- Azhan 'Aajiz'
उसने
बबूल
को
भी
मख़मल
बना
दिया
लोहे
को
यार
उसने
पीतल
बना
दिया
कोई
हसीं
दिवाना
मुझको
न
कर
सकी
पर
एक
साँवली
ने
पागल
बना
दिया
वीरान
शहर
है
अब
थी
रौनक़ें
बहुत
थे
कौन
लोग
किसने
मक़्तल
बना
दिया
था
तो
मिज़ाज
उसका
भी
गर्म
ही
मगर
इस
इश्क़
ने
उसे
भी
शीतल
बना
दिया
मैं
देखता
रहा
बस
उसके
हुनर
को
जब
उसने
कि
बेड़ियों
को
छागल
बना
दिया
मैं
था
बहुत
बहादुर
"आरिज़"
यक़ीन
कर
बस
याद
ने
किसी
की
क़ायल
बना
दिया
- Azhan 'Aajiz'
Download Ghazal Image
दिल
भी
पागल
है
कि
उस
शख़्स
से
वाबस्ता
है
जो
किसी
और
का
होने
दे
न
अपना
रक्खे
Ahmad Faraz
Send
Download Image
43 Likes
तुम्हारी
बात
करने
की
अदा
ने
ही
किया
पागल
न
जाने
हाल
क्या
होता,
अगर
तुम
शा'इरी
करती
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
56 Likes
ये
सोचते
रहना
मुझे
पागल
ही
न
कर
दे
ये
सोचते
रहना
कि
मैं
पागल
तो
नहीं
हूँ
Aamir Azher
Send
Download Image
79 Likes
या'नी
कि
इश्क़
अपना
मुकम्मल
नहीं
हुआ
गर
मैं
तुम्हारे
हिज्र
में
पागल
नहीं
हुआ
वो
शख़्स
सालों
बाद
भी
कितना
हसीन
है
वो
रंग
कैनवस
पे
कभी
डल
नहीं
हुआ
Read Full
Kushal Dauneria
Send
Download Image
64 Likes
अब
मेरी
बात
ये
अफ़वाह
लगेगी
लेकिन
चाहता
हूँ
मैं
तुम्हें
आज
भी
पागल
की
तरह
Pravin Rai
Send
Download Image
35 Likes
तुमने
जब
से
अपनी
पलकों
पर
रक्खा
कालिख़
को
सब
काजल
काजल
कहते
हैं
इश्क़
में
पागल
ही
तो
होना
होता
है
पागल
हैं
जो
मुझको
पागल
कहते
हैं
Read Full
Vishal Bagh
Send
Download Image
60 Likes
दिन
तो
ख़ैर
गुज़र
जाता
है
रातें
पागल
कर
देती
हैं
Noon Meem Danish
Send
Download Image
23 Likes
कोई
पागल
ही
मोहब्बत
से
नवाज़ेगा
मुझे
आप
तो
ख़ैर
समझदार
नज़र
आते
हैं
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
78 Likes
इश्क़
में
पागल
हो
जाना
भी
फ़न
है
दोस्त
और
ये
दुख
की
बात
है
हम
फ़नकार
नहीं
Praveen Sharma SHAJAR
Send
Download Image
28 Likes
तेरे
शैदाई
पागल
हो
चुके
हैं
तिरी
तस्वीर
चू
में
जा
रहे
हैं
Read Full
Siddharth Saaz
Send
Download Image
32 Likes
Read More
नहीं
रहता
है
हम
सेे
बे-ख़बर
वो
सभी
पे
रखता
है
अपनी
नज़र
वो
किसी
भी
तौर
कर
लूंगा
गुज़र
मैं
मुझे
बस
ख़्याल
आया
इक
मगर
वो
न
जाने
कब
मिले
घर
देखनें
को
कि
ढलती
शाम
वो
होती
सहर
वो
करी
हिजरत
यहाँ
मैंने
सुनो
पर
बड़ा
ही
याद
आता
है
नगर
वो
मिला
अच्छा
मुझे
सब
कुछ
जहाँ
में
जो
चाहा
था
मिला
होता
अगर
वो
यहाँ
पे
सुन
सभी
की
दोस्त
लेकिन
तिरा
दिल
जो
कहे
बस
यार
कर
वो
Read Full
Azhan 'Aajiz'
Download Image
1 Like
चला
मैं
तो
मिरे
हिस्से
सफ़र
आया
यहाँ
पे
आज
तक
मेरा
न
घर
आया
यहाँ
पूछा
अगर
अहल-ए-जहाँ
नें
तो
कहा
बस
ये
मियाँ
मैं
इश्क़
कर
आया
गया
शहर-ए-मुहब्बत
मैं
कहूँ
क्या
फिर
कि
ख़ुदस
यार
हो
कर
बे-ख़बर
आया
ग़मो
से
अब
निकलना
है
मुझे
जानाँ
तभी
तो
मैं
यहाँ
तेरे
नगर
आया
तुझे
नीचे
न
देखा
जा
सका
मुझ
से
बुलंदी
से
सनम
मैं
फिर
उतर
आया
थका
जो
मैं
कभी
ज़्यादा
सफ़र
में
तो
वहीं
ठहरा
जहाँ
अच्छा
शजर
आया
गली
में
जो
गया
उसकी
कहा
सब
ने
अरे!
'आरिज़'
बहुत
दिन
में
इधर
आया
Read Full
Azhan 'Aajiz'
Download Image
2 Likes
वो
एक
ख़्वाब
जिसको
बचपन
से
देखता
हूँ
वो
ग़ैर
को
मिलेगा
तो
फिर
बुरा
लगेगा
Azhan 'Aajiz'
Download Image
1 Like
इस
ज़िन्दगी
के
मस'अले
भी
हल
नहीं
हुए
हम
इसके
बाद
भी
यहाँ
पागल
नहीं
हुए
वो
लोग
सब
बिछड़
तो
गए
मुझ
सेे
पर
कभी
आँखों
से
यार
वो
मिरी
ओझल
नहीं
हुए
हिस्से
में
काँटों
के
मिले
बिस्तर
मुझे
यहाँ
वो
आज
तक
ज़रा
से
भी
मख़मल
नहीं
हुए
बोए
थे
इस
हयात
में
चंदन
के
पेड़
जो
पूरी
तरह
से
वो
कभी
संदल
नहीं
हुए
Read Full
Azhan 'Aajiz'
Download Image
1 Like
तुझे
क्या
ख़बर
ऐ
मिरे
हम
सेफ़र
कठिन
है
डगर
ऐ
मिरे
हम
सेफ़र
न
मुझ
सेे
बिछड़
तू
ठहर
तो
ज़रा
सफ़र
साथ
कर
ऐ
मिरे
हम
सेफ़र
न
यूँँ
भूल
मुझको
मिरा
नाम
ले
मिरा
ज़िक्र
कर
ऐ
मिरे
हम
सेफ़र
कभी
लौट
आ
मुन्तज़िर
हूँ
तिरा
तकूँ
रहगुज़र
ऐ
मिरे
हम
सेफ़र
तिरे
वास्ते
मुद्दतों
मैं
यहाँ
जगा
रात
भर
ऐ
मिरे
हम
सेफ़र
तिरे
बिन
यहाँ
ऐ
मिरे
जानेजाँ
अधूरा
सफ़र
ऐ
मिरे
हम
सेफ़र
यक़ीं
कर
मिरे
इश्क़
पर
चाहा
है
तुझे
सरबसर
ऐ
मिरे
हम
सेफ़र
कभी
हाल
तू
जान
कर
तू
कभी
इधर
इक
नज़र
ऐ
मिरे
हम
सेफ़र
Read Full
Azhan 'Aajiz'
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Urdu Shayari
Muflisi Shayari
Gulaab Shayari
Allahabad Shayari
Freedom Shayari