tiri yaad kii lehar uthe ja rahi hai | तिरी याद की लहर उठे जा रही है

  - Azhan 'Aajiz'
तिरीयादकीलहरउठेजारहीहै
किबंजरज़मींनमकिएजारहीहै
उदासीहमारीबढ़ेजारहीहै
ख़ुशीएकऐसेचुभेजारहीहै
अँधेराहुआजारहाहैमुसलसल
जुदाजिसतरहतूहुएजारहीहै
अज़िय्यतमिलेगीकरेंगेअगरइश्क़
तबीयतउधरहीलिएजारहीहै
मंज़िलमिलीहैराहीरुकाहै
मियाँउम्रयूँँहीकटेजारहीहै
किअहद-ए-वफ़ाउसनेमुझसेेकियाथा
वफ़ाग़ैरसेवोकरेजारहीहै
जुदाहोकेतुझसेेसलामतहूँमैंभी
बिछड़केतूहीमरेजारहीहै
मुहब्बतमेंवोक़त्लकरकेमिरायूँँ
किमासूमकितनीबनेजारहीहै
किहमपूछतेहैंयेक्याशैख़जीसे
गलीकौनसीमय-कदेजारहीहै
  - Azhan 'Aajiz'
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