rah kar zameen pe jab khwaab aasmaañ ka rakhna | रह कर ज़मीं पे जब ख़्वाब आसमाँ का रखना

  - Azhan 'Aajiz'
रहकरज़मींपेजबख़्वाबआसमाँकारखना
दिलमेंउड़ानकाअपनेतुमजज़्बारखना
पत्थरकभीतुम्हेंबंदिशेंमिलेंगीलेकिन
पैहममुसाफ़िरोकारवाँहमेशारखना
ऊँचाइयोंतलकलाखतुमचलेजानापर
जबभीमिलोबुज़ुर्गोसेसरनीचारखना
मैंढूँढ़तेहुएरौशनीकभीजाऊँ
मेरेभीनामकातुमचराग़जलतारखना
इसकीतरफ़गयाहोगयावहीबेगाना
'आरिज़अज़ीज़'दुनियासेफ़ासलासारखना
करग़ुरूरमेंलोगगिरगएमुँहकेबल
अपनाग़ुरूरकेसाथकुछरिश्तारखना
बेशक़बिछड़रहेहैंहमआजयारोलेकिन
सबयादमेंमगरअपनाआनाजानारखना
भटकाहुआमुसाफ़िरवोलौटआएशायद
घरकाखुलाहुआइकतुमदरवाज़ारखना
  - Azhan 'Aajiz'
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy