main kabhi kuchh pake roya to kabhi kuchh kho ke roya | मैं कभी कुछ पाके रोया तो कभी कुछ खो के रोया

  - Azhan 'Aajiz'
मैंकभीकुछपाकेरोयातोकभीकुछखोकेरोया
मैंज़ियादासिर्फ़बहनोंसेअलगफिरहोकेरोया
रातभररोयाकिसीकेहिज्रमेंजागाभीमैंतो
औरजोमुझ
मेंबसाथावोसुकूँसेसोकेरोया
मैंरहाहूँजबतलकउसकाजहाँमेंख़ुशरहाहूँ
जबहुआख़ुदकायक़ींकरदोस्तख़ुदकाहोकेरोया
मैंफ़सलअबकाटताहूँयारनफ़रतकीयहाँतो
बीज'आरिज़'मैंमुहब्बतकेयहाँतोबोकेरोया
  - Azhan 'Aajiz'
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