main zeest ke nahin ki qaza ke qareeb hooñ | मैं ज़ीस्त के नहीं कि क़ज़ा के क़रीब हूँ

  - Azhan 'Aajiz'
मैंज़ीस्तकेनहींकिक़ज़ाकेक़रीबहूँ
मैंतोउसीकीदोस्तवफ़ाकेक़रीबहूँ
लोगोंउदासशख़्सकोकहतेहोक्यूँँबुरा
मैंइसउदासीसेहीख़ुदाकेक़रीबहूँ
क्याजुर्महैमिरामुझेमालूमभीनहीं
परएकजुर्मकीमैंसज़ाकेक़रीबहूँ
येआज़मारहेहैंमुझेयारकिसतरह
'आरिज़'दियाहूँऔरहवाकेक़रीबहूँ
  - Azhan 'Aajiz'
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