dhalne lagii ye shaam ab meri yahaañ | ढलने लगी ये शाम अब मेरी यहाँ

  - Azhan 'Aajiz'
ढलनेलगीयेशामअबमेरीयहाँ
हैंकोशिशेंनाकामसबमेरीयहाँ
इसआससेज़िन्दारहामैंउम्रभर
सुनलेख़ुदाफ़रयादअबमेरीयहाँ
कुछख़ासहैइसमेंमुझेदोऔरग़म
बसहैउदासीहीतलबमेरीयहाँ
मैंनेमुहब्बतकीमियाँ,येफिरबनी
इसकामियाबीकासबबमेरीयहाँ
कुछइसलिएभीबोलताज़्यादानहीं
बेकारसमझेबातसबमेरीयहाँ
तुमभीसमझबैठेमुझेख़ुशयारअब
हैज़िन्दगीख़ुश-हालकबमेरीयहाँ
'आरिज़'बनूँगायादमैंइकदिनकभी
परवाज़होगीरूहजबमेरीयहाँ
  - Azhan 'Aajiz'
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