hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Avinash bharti
gham ne uski roti tak hai cheen li
gham ne uski roti tak hai cheen li | ग़म ने उसकी रोटी तक है छीन ली
- Avinash bharti
ग़म
ने
उसकी
रोटी
तक
है
छीन
ली
खा
नहीं
पाता
कभी
वो
पेट
भर
- Avinash bharti
Download Sher Image
लबों
में
आ
के
क़ुल्फ़ी
हो
गए
अश'आर
सर्दी
में
ग़ज़ल
कहना
भी
अब
तो
हो
गया
दुश्वार
सर्दी
में
Sarfaraz Shahid
Send
Download Image
47 Likes
शिकारी
से
बचने
में
कैसा
कमाल
निशाने
पे
रहना
बड़ी
बात
है
Shariq Kaifi
Send
Download Image
49 Likes
तकल्लुफ़
छोड़कर
आओ
उसे
फिर
से
जिया
जाए
हमारा
बचपना
जो
एल्बमों
में
क़ैद
रहता
है
Shiva awasthi
Send
Download Image
3 Likes
लोग
हम
सेे
सीखते
हैं
ग़म
छुपाने
का
हुनर
आओ
तुमको
भी
सिखा
दें
मुस्कुराने
का
हुनर
क्या
ग़ज़ब
है
तजरबे
की
भेंट
तुम
ही
चढ़
गए
तुम
से
ही
सीखा
था
हमने
दिल
दुखाने
का
हुनर
Read Full
Kashif Sayyed
Send
Download Image
59 Likes
बाग़बाँ
हम
तो
इस
ख़याल
के
हैं
देख
लो
फूल
फूल
तोड़ो
मत
Jaun Elia
Send
Download Image
81 Likes
मुझ
को
बीमार
करेगी
तिरी
आदत
इक
दिन
और
फिर
तुझ
से
भी
अच्छा
नहीं
हो
पाऊँगा
Rahul Jha
Send
Download Image
25 Likes
किनारे
दो
मिलाने
में
हैं
कितनी
मुश्किलें
सोचो
ये
पुल
दिन
भर
ही
सीने
पे
बिचारा
चोट
खाता
है
Prashant Beybaar
Send
Download Image
1 Like
बस
ये
हुआ
कि
उस
ने
तकल्लुफ़
से
बात
की
और
हम
ने
रोते
रोते
दुपट्टे
भिगो
लिए
Parveen Shakir
Send
Download Image
39 Likes
मैं
तो
मुद्दत
से
ग़ैर-हाज़िर
हूँ
बस
मेरा
नाम
है
रजिस्टर
में
याद
करती
हैं
तुझको
दीवारें
शक्ल
उभर
आई
है
पलस्तर
में
Read Full
Azhar Nawaz
Send
Download Image
44 Likes
दुखे
हुए
लोगों
की
दुखती
रग
को
छूना
ठीक
नहीं
वक़्त
नहीं
पूछा
करते
हैं
यारों
वक़्त
के
मारों
से
Vashu Pandey
Send
Download Image
36 Likes
Read More
बात
दिल
की
तू
दिल
में
रहने
दे
क्यूँँ
तमाशा
इसे
बनाता
है
Avinash bharti
Send
Download Image
0 Likes
इश्क़
सारा
ज़िंदगी
पे
वार
कर
जीत
हमने
ली
है
बाज़ी
हारकर
है
ज़रूरत
तुझको
भी
तो
साथ
की
हर
किसी
को
यूँँ
न
तू
इंकार
कर
रस्ते
में
आती
रहेंगी
मुश्किलें
मंज़िलों
की
सोच
इनको
पार
कर
नफ़रतें
फ़ैली
हैं
चाहे
हर
तरफ़
मशवरा
मेरा
यही
है
प्यार
कर
धीरे
धीरे
सब
सही
हो
जाएगा
बस
भरोसा
ख़ुद
पे
तू
हर
बार
कर
जीते
जी
मिलना
नहीं
मुमकिन
है
तो
ख़ुद
को
इक
दिन
आउँगा
मैं
मारकर
Read Full
Avinash bharti
Download Image
0 Likes
हुक्मरान
इस
बात
से
नाशाद
है
हर
किसी
की
क्यूँ
ज़बाँ
आज़ाद
है
Avinash bharti
Send
Download Image
0 Likes
आ
गई
है
हमें
अदाकारी
आँख
में
अब
नमी
नहीं
लगती
Avinash bharti
Send
Download Image
0 Likes
नहीं
नींद
आई
किसी
को
बिछड़कर
किसी
आँख
में
फिर
लगें
ख़्वाब
पलने
Avinash bharti
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Ujaala Shayari
Greed Shayari
Tamanna Shayari
Gaon Shayari
Lab Shayari