hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Anurudh kumar shastri
ik taraf thii meri aah ik taraf thii waah-waah
ik taraf thii meri aah ik taraf thii waah-waah | इक तरफ़ थी मेरी आह, इक तरफ़ थी वाह-वाह
- Anurudh kumar shastri
इक
तरफ़
थी
मेरी
आह,
इक
तरफ़
थी
वाह-वाह
और
फिर
ऐसा
हुआ,
सबके
दिलों
में
छा
गए
हम
- Anurudh kumar shastri
Download Sher Image
और
भी
दुख
हैं
ज़माने
में
मोहब्बत
के
सिवा
राहतें
और
भी
हैं
वस्ल
की
राहत
के
सिवा
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
102 Likes
सारे
दुख
सो
जाएँगे
लेकिन
इक
ऐसा
ग़म
भी
है
जो
मिरे
बिस्तर
पे
सदियों
का
सफ़र
रख
जाएगा
Azm Shakri
Send
Download Image
33 Likes
कभी
सहर
तो
कभी
शाम
ले
गया
मुझ
से
तुम्हारा
दर्द
कई
काम
ले
गया
मुझ
से
Farhat Abbas Shah
Send
Download Image
37 Likes
हम
अपने
दुख
को
गाने
लग
गए
हैं
मगर
इस
में
ज़माने
लग
गए
हैं
Read Full
Madan Mohan Danish
Send
Download Image
38 Likes
वो
किसी
के
साथ
ख़ुश
था
कितने
दुख
की
बात
थी
अब
मेरे
पहलू
में
आ
कर
रो
रहा
है
ख़ुश
हूँ
मैं
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
101 Likes
वो
रातें
चाँद
के
साथ
गईं
वो
बातें
चाँद
के
साथ
गईं
अब
सुख
के
सपने
क्या
देखें
जब
दुख
का
सूरज
सर
पर
हो
Ibn E Insha
Send
Download Image
20 Likes
ज़ख़्म
दिल
के
भरे
नहीं
अब
तक
और
इक
दर्द
फिर
हरा
कर
लूँ
अब
भरोसा
नहीं
किसी
का
पर
तू
कहे
तो
यक़ीं
तिरा
कर
लूँ
Read Full
Harsh saxena
Send
Download Image
15 Likes
हमारी
उम्र
के
लड़के
ग़ज़ल
तो
लिख
रहे
हैं
पर
ये
इतना
दर्द
लेके
जी
रहे
हैं
ठीक
थोड़ी
है
Ramesh Singh
Send
Download Image
31 Likes
तुम्हारे
बाद
ये
दुख
भी
तो
सहना
पड़
रहा
है
किसी
के
साथ
मजबूरी
में
रहना
पड़
रहा
है
Ali Zaryoun
Send
Download Image
130 Likes
जिसकी
ख़ातिर
कितनी
रातें
सुलगाई
जिसके
दुख
में
दिल
जाने
क्यूँ
रोता
है
इक
दिन
हम
सेे
पूछ
रही
थी
वो
लड़की
प्यार
में
कोई
पागल
कैसे
होता
है
Read Full
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
40 Likes
Read More
साथ
तुम्हारे
जो
भी
लम्हें
बीते
हैं
रातों-रातों
उनको
लिखता
रहता
हूँ
Anurudh kumar shastri
Send
Download Image
4 Likes
बहुत
अच्छे
से
गुज़रे
हैं,
तुम्हारे
साथ
सब
लम्हें
तुम्हारी
मुस्कुराहट
आज
भी
मेरे
ज़ेहन
में
है
Anurudh kumar shastri
Send
Download Image
6 Likes
नीले
अंबर
सी
कुर्ती
में,
जब
भी
मुझको
दिखती
हो
और
तुम्हारा
चेहरा
फिर
तो,
बिल्कुल
चाँद
सा
लगता
है
Anurudh kumar shastri
Send
Download Image
6 Likes
ऐ
ज़िन्दगी
अब
मौत
से
अच्छी
निभेगी
तुम
सेे
बहुत
मैं
दूर
हूँ,
ख़ुद
से
बहुत
मजबूर
हूँ
Anurudh kumar shastri
Send
Download Image
5 Likes
थोड़ा
वक़्त
और
गुजारों
साथ
में
अभी
बहुत
सी
गजलें
मेरी,
पूरी
होनी
बाकी
हैं
Anurudh kumar shastri
Send
Download Image
5 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Kisaan Shayari
Attitude Shayari
Bhai Shayari
Ilm Shayari
Musafir Shayari