qaafilon ke khau se bazaar chhode ja rahe hain | काफ़िलों के खौफ़ से बाज़ार छोड़े जा रहे हैं

  - Anurag Pandey
काफ़िलोंकेखौफ़सेबाज़ारछोड़ेजारहेहैं
हमयहींहैंपरहमारेयारछोड़ेजारहेहैं
सचकहेंतोवोकहानीबीचमेंदमतोड़देगी
जिसकहानीकोसभीकिरदारछोड़ेजारहेहैं
शह'रसेहमक्याकहेंगेयेनहींसोचाअभीतक
गाँवसेकहनामगरघरबारछोड़ेजारहेहैं
राधिकाकोआपकेवलराधिकाहीजानतेपर
मोहमेंमोहनधरापरप्यारछोड़ेजारहेहैं
  - Anurag Pandey
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