tumhaare shahar men gar ham thehar ga.e hote | तुम्हारे शहर में गर हम ठहर गए होते

  - Anjuman rahi raza
तुम्हारेशहरमेंगरहमठहरगएहोते
रक़ीबपरहीहमाराक़तरगएहोते
अगरमिलतीहमेंतुमसेेयेपज़ीराई
हमारेख़्वाबयक़ीननबिखरगएहोते
कियाहैजितनाज़मानेनेतब्सिराउनपर
होताइश्क़तोकबकेवोमरगएहोते
रहायेअच्छानहींआएमैक़देमेंहम
वग़रनाजामभीहदसेगुज़रगएहोते
वोदफ़अतनहीअगरमेरेरूबरूहोता
तमामज़ख़्मपुरानेउभरगएहोते
असरवफाओंकाक़ाएमरखामुझेवरना
नज़रसेहमभीकिसीदिनउतरगएहोते
हुजूरइश्क़निभानेकीक्याज़रूरतथी
बलासेआपभीहँसकरमुकरगएहोते
  - Anjuman rahi raza
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