सितम करो तुम या ज़ुल्म ढाओ सहूँगा सब बे-ज़बान हूँ मैं

  - Anis shah anis
सितमकरोतुमयाज़ुल्मढाओसहूँगासबबे-ज़बानहूँमैं
मुझेसभीकहतेअन्नदाताकिसानहूँहाँकिसानहूँमैं
कभीहैसूखाकभीहैबारिशकभीहैबिजलीकीयेकटौती
कटेपरोंकामैंहूँपरिंदाकिउसकीझूठीउड़ानहूँमैं
कभीउठाईजोबातहक़कीमिलीहैलाठीचलीहैगोली
दिएहुकूमतनेज़ख़्मदिलपरतोइसकेरुख़परनिशानहूँमैं
भँवरमेंभावोंकेमैंफँसाहूँछोरमेरीमुसीबतोंका
अगरमैंडूबातोतुमभीडूबोतुम्हाराअबइम्तिहानहूँमैं
लगीहैक़र्ज़ोंसेहोड़मेरीकभीहरायाकभीमैंहारा
गलेलगामौतसोगयाहूँसफ़रकीगहरीथकानहूँमैं
येकैमरेकोमेरीतरफ़भीज़राघुमाओसवालपूछो
जवाबहूँहरसवालकामैंचुनावतेरारुझानहूँमैं
चलोउठोएकहोलड़ोअबनहींहैकोईअनीसअपना
सियासीफ़िरक़ोंमेंमुझकोबाँटाकिजैसेउनकीदुकानहूँमैं
  - Anis shah anis
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