येग़ज़लभीतोहुनरख़ूबग़ज़बरखतीहै
तल्ख़होलफ़्ज़तोलहजेमेंअदबरखतीहै
प्यासऊलासेबढ़ातीहैदिलोंमेंसबके
औरसानीमेंछुपाकरयेतलबरखतीहै
आईनाएकहीतोअक्सदिखाताहैहमें
येग़ज़लख़ुदमेंनिहाँकितनीहीछबरखतीहै
आशियानातोग़ज़लकाहमेंरौशनलगता
येदिलोंकोजलापुर-नूरजोशबरखतीहै
एकमाशूक़केजलवेभीबयाँकरतीग़ज़ल
दर्द-ओ-ग़मसाथहीबेवाकेभीअबरखतीहै
येग़ज़लख़ुशबूलुटातीहैसभीपरहीअनीस
फ़र्क़सरहदयाज़बानोंमेंयेकबरखतीहै