ye mat socho ki har-soo raushni hai | ये मत सोचो कि हर-सू रौशनी है

  - Anas Khan
येमतसोचोकिहर-सूरौशनीहै
चराग़ोंकेतलेभीतीरगीहै
मेरेकिरदारमेंवोबेबसीहै
किमुझपरख़ुदकहानीरोरहीहै
मेरेदिलमेंहज़ारोंग़मछुपेहैं
मेरेचेहरेपेतोझूठीहँसीहै
सवारूॅंक्यामुहब्बतसेजवानी
मुहब्बतनेहीतोबर्बादकीहै
तुझेलगताहैमुझकोइश्क़हैपर
मेरामक़सदतोतेरीदोस्तीहै
दवाभीअबवहीलड़कीहैमेरी
वोजोबीमारकरकेजारहीहै
तुम्हारेबादमैंनेज़िंदगीभी
गुज़ारीतोनहींबसकाटलीहै
नहींहैख़ानदानीबे-वफ़ावो
अनसवोशौक़सेदिलतोड़तीहै
  - Anas Khan
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