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kanak anamika khantwal
main sochta hi rah gaya hai saath teraa kab talak
main sochta hi rah gaya hai saath teraa kab talak | मैं सोचता ही रह गया है साथ तेरा कब तलक
- kanak anamika khantwal
मैं
सोचता
ही
रह
गया
है
साथ
तेरा
कब
तलक
है
उम्रभर
का
संग
या
फिर
सिर्फ़
मेरा
इक
भरम
- kanak anamika khantwal
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गर
डूबना
ही
अपना
मुक़द्दर
है
तो
सुनो
डूबेंगे
हम
ज़रूर
मगर
नाख़ुदा
के
साथ
Kaifi Azmi
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तुम्हारे
साथ
चलने
पर
जो
दिल
राज़ी
नहीं
होता
बहुत
पहले
हम
अपना
फ़ैसला
तब्दील
कर
लेते
Saleem Kausar
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कभी
चाहत
पे
शक
करते
हुए
ये
भी
नहीं
सोचा
तुम्हारे
साथ
क्यूँ
रहते
अगर
अच्छा
नहीं
लगता
Munawwar Rana
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अच्छा
है
दिल
के
साथ
रहे
पासबान-ए-अक़्ल
लेकिन
कभी
कभी
इसे
तन्हा
भी
छोड़
दे
Allama Iqbal
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साथ
में
तू
मेरे
दो
गाम
तो
चल
सकता
है
इतना
चलने
से
मेरा
काम
तो
चल
सकता
है
तेरे
दिल
में
किसी
शायर
की
जगह
तो
होगी
इस
इलाके
में
मेरा
नाम
तो
चल
सकता
है
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Ashu Mishra
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मैं
जिस
के
साथ
कई
दिन
गुज़ार
आया
हूँ
वो
मेरे
साथ
बसर
रात
क्यूँँ
नहीं
करता
Tehzeeb Hafi
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मैं
तेरे
साथ
सितारों
से
गुज़र
सकता
हूँ
कितना
आसान
मोहब्बत
का
सफ़र
लगता
है
Bashir Badr
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हम
ऐसे
लोग
भी
जाने
कहाँ
से
आते
हैं
ख़ुशी
में
रोते
हैं
जो
ग़म
में
मुस्कुराते
हैं
हमारा
साथ
भला
कब
तलक
निभाते
आप
कभी
कभी
तो
हमीं
ख़ुद
से
ऊब
जाते
हैं
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Mohit Dixit
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वा'दा
करो
कि
हाथ
छुड़ाकर
न
जाओगे
वा'दा
करो
कि
सात
जनम
तक
रहेगा
इश्क़
Mukesh Jha
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सिर्फ़
तस्वीर
रह
गई
बाक़ी
जिस
में
हम
एक
साथ
बैठे
हैं
Ataul Hasan
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मुझे
अब
भी
नहीं
करना
तमाशा
वो
इक
ही
रात
का
झूठा
तमाशा
ज़रा
सी
बात
पर
जो
टूट
जाए
ये
रिश्तों
का
लगा
कैसा
तमाशा
वो
मुर्दा
खु़द
निकल
कर
दे
गवाही
करो
तो
फिर
करो
ऐसा
तमाशा
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kanak anamika khantwal
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बह
रही
थी
आँख
से
तेरी
मुहब्बत
रूठती
वो
हारकर
अपनी
मुहब्बत
आखरी
रस्ता
भी
तुमने
जब
न
छोड़ा
टूट
के
तर
तर
थी
बिखरी
सी
मुहब्बत
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kanak anamika khantwal
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सियासत
खेलना
भी
है
ज़रूरी
करूँँगी
मौत
का
भी
मैं
तमाशा
kanak anamika khantwal
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तेरे
गुनाहों
की
सज़ा
कुछ
भी
नहीं,
जीना
तुझे
है
रोज़
मरने
के
लिए
kanak anamika khantwal
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मिला
ही
नहीं
प्यार
ऐसा
कहीं
भी
लिखा
नाम
दिल
पर,
नहीं
फिर
मिटाया
kanak anamika khantwal
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