लोगकहतेहैंकिबेहतरहोगयाहूँ
सचमगरयेहैकिपत्थरहोगयाहूँ
हूँलगामैंआजभीतोसीढ़ियोंपर
कहनेकोहीसंग-ए-मरमरहोगयाहूँ
मैंनजानूँक्यावजहहैज़िंदगीकी
मौतसेभीमैंतोबदतरहोगयाहूँ
दूररहतेहैंसभीअबमीठेदरिया
खारेपानीकासमुंदरहोगयाहूँ
जैसेचाहेवोनचाताहैमुझेतो
उसमदारीकामैंबंदरहोगयाहूँ
वोकहानीजबपढ़ीतोजानपाया
तुमसुधासीऔरमैंचंदरहोगयाहूँ
सबजहाँकेगुलखिलाबैठे'गुरू'तुम
औरकहतेहोकिबंजरहोगयाहूँ