ye zindagi tamaam bita dii hai pyaas men | ये ज़िंदगी तमाम बिता दी है प्यास में

  - Amaan Pathan
येज़िंदगीतमामबितादीहैप्यासमें
फिरक्यूँहरएकरातबितातेहैंआसमें
मैंघोलकरकेपीगयाहूँज़िंदगीकोयूँँ
पूरीकिताबबसगईहैइक़्तिबासमें
तुमजाममाँगतेहोबड़ीछोटीचीज़है
मैंधड़कनेंरखूँजोकहोइसगिलासमें
सबयारसोचतेथेरहेगावहीसमाँ
इकमैंहीबसबचाहूँकोईसौपचासमें
हमनेभीतोनिकालेहैंनासूरकाटकर
हमनेभीदिनगुज़ारेहैंकालेलिबासमें
वोशे'रजिसकोसुनकेसभीग़म-ज़दाहुए
वोशे'रतोलिखाथाकोईचौथीक्लासमें
इनआजकलकेहोटलोंमेंबातवोकहाँ
जोबातयारगाँवकेगुड़कीमिठासमें
कैसेअमानअबयेसुधरजाएँआदतें
हमनेबिताएदिनहैंख़राबोंकेपासमें
  - Amaan Pathan
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