पुरानेदिनोंकीकहानीलिखीथी
तिरीनज़्मअपनीबयानीलिखीथी
येमय-ख़ानेमेंबैठअफ़सोसअबक्यूँँ
तिरेहिस्सेभीतोजवानीलिखीथी
किताब-ए-मुक़द्दरमेंराँझादिवाना
मगरहीरबेहदसयानीलिखीथी
भरोसाबहुतहैयेकहतेथेमुझसे
नज़रमेंमगरबद-गु़मानीलिखीथी
‘अमान’औरभीतोथेदुनियामेंफिरक्यूँँ
मिरेहिस्सेहीपासबानीलिखीथी