main rah raha hooñ gham-zada sa yaar tere bin bahut | मैं रह रहा हूँ ग़म-ज़दा सा यार तेरे बिन बहुत

  - Amaan Pathan
मैंरहरहाहूँग़म-ज़दासायारतेरेबिनबहुत
ज़ियादाप्यारचाहिएकिसेहैंचारदिनबहुत
हैदफ़्तरइसक़दरजहन्नुमइसलिएहूँचिड़चिड़ा
किराएकामकानहैखड़ू़समालकिनबहुत
डराडरासाफिररहाथातीरगीमेंडूबकर
मैंदेखकरतुझेसनमहुआहूँमुतमइनबहुत
मैंज़िंदगीकेहरपड़ावपररहूँगातेरेसाथ
सरलबहुतहैबोलनानिभानाहैकठिनबहुत
जोसंसदोंमेंहैंकमातेदोकरोड़रोज़के
उन्हेंपतानहींग़रीबकेबुरेहैंदिनबहुत
  - Amaan Pathan
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