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Aqib khan
ab to kya hi bacha hai jeevan men
ab to kya hi bacha hai jeevan men | अब तो क्या ही बचा है जीवन में
- Aqib khan
अब
तो
क्या
ही
बचा
है
जीवन
में
मेरा
तू
भी
नहीं
ख़ुदा
भी
नहीं
- Aqib khan
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कश्तियाँ
सब
की
किनारे
पे
पहुँच
जाती
हैं
नाख़ुदा
जिन
का
नहीं
उन
का
ख़ुदा
होता
है
Ameer Minai
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हमारा
इश्क़
इबादत
का
अगला
दर्जा
है
ख़ुदा
ने
छोड़
दिया
तो
तुम्हारा
नाम
लिया
ग़मों
से
बैर
था
सो
हमने
ख़ुद-कुशी
कर
ली
शजर
ने
गिर
के
परिंदों
से
इन्तेक़ाम
लिया
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Balmohan Pandey
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पहले
पानी
को
और
हवा
को
बचाओ
ये
बचा
लो
तो
फिर
ख़ुदा
को
बचाओ
Swapnil Tiwari
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मैं
उस
से
ये
तो
नहीं
कह
रहा
जुदा
न
करे
मगर
वो
कर
नहीं
सकता
तो
फिर
कहा
न
करे
वो
जैसे
छोड़
गया
था
मुझे
उसे
भी
कभी
ख़ुदा
करे
कि
कोई
छोड़
दे
ख़ुदा
न
करे
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Tehzeeb Hafi
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थे
ख़ुदा
को
मानने
वाले
बड़ी
तादाद
में
है
तअज्जुब
पर
ख़ुदा
की
मानता
कोई
न
था
Rao Nasir
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बना
कर
हमने
दुनिया
को
जहन्नुम
ख़ुदा
का
काम
आसाँ
कर
दिया
है
Rajesh Reddy
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ख़ुदा
ख़ुदको
समझते
हो
तो
समझो
मगर
इक
रोज़
मर
जाना
है
तुमको
Shakeel Azmi
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तेरे
बग़ैर
ख़ुदा
की
क़सम
सुकून
नहीं
सफ़ेद
बाल
हुए
हैं
हमारा
ख़ून
नहीं
न
हम
ही
लौंडे
लपाड़ी
न
कच्ची
उम्र
का
वो
ये
सोचा
समझा
हुआ
इश्क़
है
जुनून
नहीं
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Shamim Abbas
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हमेशा
साथ
सबके
तो
ख़ुदा
भी
रह
नहीं
सकता
बनाकर
औरतें
उसने
ज़मीं
को
यूँँ
किया
जन्नत
Anukriti 'Tabassum'
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ख़ुदा
ऐसे
एहसास
का
नाम
है
रहे
सामने
और
दिखाई
न
दे
Bashir Badr
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उसके
होने
में
न
होना
भी
छुपा
था
आकिब
सो
जो
होना
था
वो
होकर
भी
न
हो
पाया
कभी
Aqib khan
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पड़
गया
है
शादी
पर
खानदान
से
मतलब
इश्क़
में
किसे
था
दुनिया
जहान
से
मतलब
आपकी
ये
बेटी
हक़
माँगने
न
लग
जाए
देखिए
हमें
तो
है
बेज़ुबान
से
मतलब
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Aqib khan
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तुम
इस
पे
ख़फ़ा
हो
के
मैंने
बात
नहीं
की
ये
कम
है
के
इन
आँखों
ने
बरसात
नहीं
की
अपने
ग़मों
को
ख़ुद
ही
समेटे
हुए
हैं
हम
मुश्किल
से
कमाए
हैं
सो
ख़ैरात
नहीं
की
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Aqib khan
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यार
मिरे
क्या
अब
भी
पहले
जैसे
हो
अच्छा
मेरे
बाद
बताओ
कैसे
हो
तोहफों
की
अदला
बदली
आसाँ
थी
पर
एहसासों
की
अदला
बदली
कैसे
हो
वापस
आना
अब
बिल्कुल
नामुमकिन
है
जान
मिरी
अब
करो
गुज़ारा
जैसे
हो
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Aqib khan
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है
ये
कैसा
सितम
मौला
ये
हैं
दुश्वारियाँ
कैसी
जहाँ
पर
रोना
था
हमको
वहीं
पर
मुस्कुराना
है
Aqib khan
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