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Akash Rajpoot
dilrubaaai ka aap kya loge
dilrubaaai ka aap kya loge | दिलरुबाई का आप क्या लोगे
- Akash Rajpoot
दिलरुबाई
का
आप
क्या
लोगे
रहनुमाई
का
आप
क्या
लोगे
मेरे
पर्दा-नशीन
दोस्त
कहो
मुँह
दिखाई
का
आप
क्या
लोगे
- Akash Rajpoot
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मैं
दिल
को
सख़्त
करके
उस
गली
जा
तो
रहा
हूँ
दोस्त
करूँँगा
क्या
अगर
वो
ही
शरारत
पर
उतर
आया
Harsh saxena
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जैसे
पतवार
सफ़ीने
के
लिए
होते
हैं
दोस्त
अहबाब
तो
जीने
के
लिए
होते
हैं
इश्क़
में
कोई
तमाशा
नहीं
करना
होता
अश्क
जैसे
भी
हों
पीने
के
लिए
होते
हैं
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Khalid Nadeem Shani
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अब
दोस्त
कोई
लाओ
मुक़ाबिल
में
हमारे
दुश्मन
तो
कोई
क़द
के
बराबर
नहीं
निकला
Munawwar Rana
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जो
सावन
होते
सूखा,
उस
फूल
पे
लानत
हो
मुझ
पे
लानत,
तेरे
होते,
यार
उदासी
है
Siddharth Saaz
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सखी
को
हमारी
नज़र
लग
न
जाए
उसे
ख़्वाब
में
रात
भर
देखते
हैं
Sahil Verma
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यार
भी
राह
की
दीवार
समझते
हैं
मुझे
मैं
समझता
था
मेरे
यार
समझते
हैं
मुझे
Shahid Zaki
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अपनी
बाँहो
से
क्यूँँ
हटाऊँ
उसे
सो
रहा
है
तो
क्यूँँ
जगाऊँ
उसे
जो
भी
मिलता
है
उसका
पूछता
है
यार
किस
किस
से
मैं
छुपाऊँ
उसे
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Kafeel Rana
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तुझे
कौन
जानता
था
मेरी
दोस्ती
से
पहले
तेरा
हुस्न
कुछ
नहीं
था
मेरी
शा'इरी
से
पहले
Kaif Bhopali
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इस
से
पहले
कि
बे-वफ़ा
हो
जाएँ
क्यूँँ
न
ऐ
दोस्त
हम
जुदा
हो
जाएँ
Ahmad Faraz
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दिल
की
तमन्ना
थी
मस्ती
में
मंज़िल
से
भी
दूर
निकलते
अपना
भी
कोई
साथी
होता
हम
भी
बहकते
चलते
चलते
Majrooh Sultanpuri
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ये
इत्तिफ़ाक़
कहाँ
रोज़
रोज़
होता
है
तू
मेरे
साथ
है
और
दरमियान
कोई
नहीं
Akash Rajpoot
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जब
भी
अच्छा
लगा
कोई
दिल
को
हमने
दिल
से
कहा-
ये,
"वो"
नहीं
हैं
Akash Rajpoot
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मैं
अब
भी
ख़ुश
हो
जाता
हूँ
त्योहारों
की
छुट्टी
में
कि
कम
से
कम
त्योहारों
में
घर
जाने
को
मिलता
है
Akash Rajpoot
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अब
कहीं
भी
दिल
नहीं
लगता
हमारा
याद
अब
आने
लगा
है
गाँव
मुझको
Akash Rajpoot
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भरी
महफिल
में
कोना
चाहता
था
वो
मैं
तकिया
भिगोना
चाहता
था
दु'आओं
में
जिसे
माँगा
था
मैंने
उसे
मैं
फिर
से
खोना
चाहता
था
मुसीबत
में
जो
मुझ
पे
हँस
रहे
हैं
मैं
उनके
साथ
रोना
चाहता
था
अधूरे
हैं
बहुत
से
ख़्वाब
मेरे
वगरना
अब
मैं
सोना
चाहता
था
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Akash Rajpoot
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