khudkushi ke siva ghar koi bhi chaara hota | ख़ुद-कुशी के सिवा ग़र कोई भी चारा होता

  - Akash Rajpoot
ख़ुद-कुशीकेसिवाग़रकोईभीचाराहोता
ज़िंदगीहमनेतेराकर्ज़उताराहोता
थामलेताकोईतोहाथहमारादुखमें
कोईतोइसदिल-ए-नादाँकासहाराहोता
जानताथामैंबुलानेसेनहींआओगे
ग़रचलेआतेतोअहसानतुम्हाराहोता
येतोमैंहारगयासामनेउसकीज़िदके
वर्नाजोशख़्सहमाराथा,हमाराहोता
यादआतेहैंवोतोउनकीइनायतसमझो
वर्ना'आकाश'तेराकैसेगुज़ाराहोता
  - Akash Rajpoot
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy