aa ga.e kaise ajab din raushni ke | आ गए कैसे अजब दिन रौशनी के

  - Jarnail Afshaar
गएकैसेअजबदिनरौशनीके
हैंचराग़-ए-राहख़ादिमतीरगीके
चालइसकीजबकभीमैंभाँपपाया
पैंतरेफ़ौरनहीबदलेज़िंदगीके
मालजिसकानामउसकाकरदियागुल
आजकलहालातयेहैंशा'इरीके
मिलनहींसकतेहैंफिरभीसाथयूँँहैं
दोकिनारेहमहोंजैसेइकनदीके
हरगलीख़ून-ए-जिगरटपकारहेहो
कौनसेयेहैंतरीक़ेरहबरीके
अबनहीं“अफ़्शार”कोडरदुश्मनीका
जबसेअसलीरंगदेखेदोस्तीके
  - Jarnail Afshaar
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