KHvaahish hai ek roz teri khoobiyaan ginuun | ख़्वाहिश है एक रोज़ तेरी ख़ूबियाँ गिनूँ

  - Aditya Singh aadi
ख़्वाहिशहैएकरोज़तेरीख़ूबियाँगिनूँ
दरियामेंआँखेंडालकेमैंमछलियाँगिनूँ
ढलतीहुईयेशामहैहाथोंमेंतेराहाथ
अबशा'इरीकरूँँकितेरीचूड़ियाँगिनूँ
शामिलहोमेरीयादमेंलोगोंकीएकभीड़
तन्हाकहींपेबैठकेमैंहिचकियाँगिनूँ
आयाहूँजबसेगाँवइसीसोचमेंहूँमैं
माँकेसफ़ेदबालयाफिरछुट्टियाँगिनूँ
तूहीबतादेयारमैंकाग़ज़केढेरमें
अपनीशिकायतेंयातेरीचिट्ठियाँगिनूँ
सोचाहैतुझकोशक़्लदूँऊँचेमकानकी
चढ़तेउतरतेरोज़तेरीसीढ़ियाँगिनूँ
मैंचाहताहूँतुझपेकोईफललगेकभी
पेड़कबतलकमैंतेरीपत्तियाँगिनूँ
  - Aditya Singh aadi
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