bala ka husn tha uskaa nazar se qahr dhaati thii | बला का हुस्न था उसका नज़र से क़हर ढाती थी

  - Aditya Singh aadi
बलाकाहुस्नथाउसकानज़रसेक़हरढातीथी
खुलीज़ुल्फ़ोंसेयकदमहीहवाकोआज़मातीथी
जानेकिसतरहवोसहतीहोगीसासकेताने
जोपीहरमेंज़रासीबातपरहीरूठजातीथी
फ़क़तअबनामलेनाभीउसेअच्छानहींलगता
जोमेरेनामकेआगेहमेशाजीलगातीथी
वोक्यादिनथेकेबचपनमेंसभीकालाडलाथामैं
किदादाजीकीखेतीथीतोदादीगीतगातीथी
पिताकादुखनहींदेखामगरयेभीनहींभूला
मुझेजबमारतीथीमाँतोचूड़ीटूटजातीथी
झगड़ताथाबहनसेजबतोमाँसेडाँटखाताथा
जोमाँसेरूठजातातोबहनमुझकोमनातीथी
हमारीज़िंदगीमेंभीमुहब्बतकाज़मानाथा
ज़मानाथाकिहमकोभीकिसीकीयादआतीथी
  - Aditya Singh aadi
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