आधे सफ़र में दूर से मंज़िल न देखियो

  - Aditya Singh aadi
आधेसफ़रमेंदूरसेमंज़िलदेखियो
अपनेबड़ेबुज़ुर्गोंकीमहफ़िलदेखियो
नज़रेंचौंधियादेंचराग़ोंकीरौशनी
कश्तीमेंदूरबैठकेसाहिलदेखियो
फिरयेहोकुछऔरहीमतलबनिकालले
तिरछीनज़रसेजानिब-ए-जाहिलदेखियो
चेहरालिबासरंगमकाँऔरदौलतें
सबदेखियोमगरतूमेरादिलदेखियो
  - Aditya Singh aadi
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