makaan | "मकान"

  - Abhishek Bajpei
"मकान"
कहींदूरमकाँबनाऊँगाअपना..
जहाँनायेमतलबीलोगहो
नाफरेबीचेहरेहो
जहाँबसकुछरिश्तेहो
जोसचमेंअच्छेहो
जहाँचाहेचारदोस्तहोमेरे
परमनकेसच्चेहो
इसजलन,धोखे,दुखदर्दसेभरी
औरजेहनीतौरपरबीमारदुनियासे
पीछाछुड़ाऊँगाअपना
कहींदूरमकाँबनाऊँगाअपना
जहाँउम्मीदथपकियाँदे
जहाँसुकूनहोराहतहो
जहाँमददकीरोशनीहो
हमदर्दीहो...चाहतहो
हौसलासुब्हआवाज़लगाकरजगाए
मेरेख्वाहिशोंकेकाफिलेदिनभर
हँसेखिलखिलाए..
जहाँसहाराबनजानासबाबकाकामहो
जहाँमरहमहोजानानेकीकाकामहो
जहाँखैरातकरतेहोलोगबेगरजहोकर
जहाँसाफहोदिलऔरसच्चेजज़्बातहो
फिरसबहसरतोंकेचराग़ोंसेवोघरसजाऊंगाअपना
कहींदूरमकानबनाऊँगाअपना
  - Abhishek Bajpei
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