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Abha sethi
hijr tira sahne ka nizaam pukhta hai sab
hijr tira sahne ka nizaam pukhta hai sab | हिज्र तिरा सहने का निज़ाम पुख़्ता है सब
- Abha sethi
हिज्र
तिरा
सहने
का
निज़ाम
पुख़्ता
है
सब
लम्हे
यादें
रख
ली
कुछ
हँसती
तस्वीरें
- Abha sethi
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गले
से
लगते
ही
जितने
गिले
थे
भूल
गए
वगर्ना
याद
थीं
हम
को
शिकायतें
क्या
क्या
Abdul Rahman Ehsaan Dehlavi
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अब
तो
उन
की
याद
भी
आती
नहीं
कितनी
तन्हा
हो
गईं
तन्हाइयाँ
Firaq Gorakhpuri
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ज़रूरत
सब
कराती
है
मोहब्बत
भी
इबादत
भी
नहीं
तो
कौन
बेमतलब
किसी
को
याद
करता
है
Umesh Maurya
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तिरा
ख़याल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
कोई
मलाल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
उदास
करती
है
अक्सर
तुम्हारी
याद
मुझे
मगर
ये
हाल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
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Noon Meem Danish
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जहाँ
पंखा
चल
रहा
है
वहीं
रस्सी
भी
पड़ी
है
मुझे
फिर
ख़याल
आया,
अभी
ज़िन्दगी
पड़ी
है
Zubair Ali Tabish
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तुम
से
छुट
कर
भी
तुम्हें
भूलना
आसान
न
था
तुम
को
ही
याद
किया
तुम
को
भुलाने
के
लिए
Nida Fazli
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उस
की
यादों
की
काई
पर
अब
तो
ज़िंदगी-भर
मुझे
फिसलना
है
Siraj Faisal Khan
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गली
में
बैठे
हैं
उसकी
नज़र
जमाए
हुए
हमारे
बस
में
फ़क़त
इंतिज़ार
करना
है
Swapnil Tiwari
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कभी
पहले
नहीं
था
जिस
क़दर
मजबूर
हूँ
मैं
आज
नज़र
आऊँ
न
ख़ुद
क्या
तुम
सेे
इतना
दूर
हूँ
मैं
आज
तुम्हारे
ज़ख़्म
को
ख़ाली
नहीं
जाने
दिया
मैंने
तुम्हारी
याद
में
ही
चीख़
के
मशहूर
हूँ
मैं
आज
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SHIV SAFAR
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इस
रास्ते
में
जब
कोई
साया
न
पाएगा
ये
आख़िरी
दरख़्त
बहुत
याद
आएगा
Azhar Inayati
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कुछ
कम
अपनी
ख़्वारी
कर
थोड़ी
ख़ुद
से
यारी
कर
माना
हयात
ख़ंजर
है
हिम्मत
को
दो
धारी
कर
बोल
न
मीठा
कड़वों
से
बातें
उन
सेे
खारी
कर
सुख
दुख
आता
जाता
है
सूरत
हँसती
प्यारी
कर
ख़ारिज
का
ग़म
मत
कर
तू
सुधार
करना
जारी
कर
दिल
बच्चा
ख़ुश
रहने
दे
हसरत
पूरी
सारी
कर
हल्की
फुल्की
ग़ज़लें
कह
आभा
मन
मत
भारी
कर
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Abha sethi
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हुए
कातिब
नहीं
ग़ज़लें
बनी
अपनी
बुने
सब
हर्फ़
इस
ने
ज़िक्र
में
तेरे
Abha sethi
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फ़लक
के
चाँद
की
क्या
दीद
वो
तो
है
ज़माने
का
दिखे
जो
चाँद
मेरा
वो
मुबारक
ईद
हो
जाए
Abha sethi
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बस
हुआ
तक़दीर
या
है
कुछ
अभी
तीर
तरकश
में
हैं
कितने
रह
गए
Abha sethi
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कुरेदा
आदतन
दिल
जब
ज़माने
ने
न
बोले
कुछ
ग़लत
ही
ज़िक्र
में
तेरे
Abha sethi
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