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Abha sethi
bulan
bulan | बुलंदी सोचने की तो मिटा दे फ़र्क़ सारे ही
- Abha sethi
बुलंदी
सोचने
की
तो
मिटा
दे
फ़र्क़
सारे
ही
नहीं
ही
सिर्फ़
बेटे
हैं
निभाती
फ़र्ज़
बेटी
भी
- Abha sethi
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वो
माएँ
आज
भी
सुसराल
के
तानों
की
ज़द
में
हैं
कि
जिन
की
कोख
से
बेटी
तो
है
बेटा
नहीं
होता
Sameer Buldanvi
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क्या
तुम
तब
भी
ऐसे
ही
चुपचाप
तमाशा
देखोगे
इस
मुश्किल
में
फँसने
वाली
अगर
तुम्हारी
बेटी
हो
Zia Mazkoor
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इस
ज़माने
में
भी
इक
लड़का
तुम्हें
यूँँ
चाहता
है
अपने
रब
से
वो
तुम्हारी
जैसी
बेटी
माँगता
है
Harsh saxena
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उसे
हम
पर
तो
देते
हैं
मगर
उड़ने
नहीं
देते
हमारी
बेटी
बुलबुल
है
मगर
पिंजरे
में
रहती
है
Prof. Rehman Musawwir
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मज़दूर
भले
सारी
ही
उम्र
करे
मेहनत
बेटी
की
विदाई
लायक़
पैसे
नहीं
होते
Amaan Pathan
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इक
दिन
के
लिए
घर
को
परी-ख़ाना
बना
दे
अल्लाह
मुझे
उनका
ग़ुसल-ख़ाना
बना
दे
मोटी
है
बहुत
बीवी
तो
हुश्यार
रहा
कर
वो
मूड
में
आकर
तेरा
सुरमा
ना
बना
दे
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Paplu Lucknawi
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बीस
बरस
तक
बाप
उधड़ता
है
थोड़ा
थोड़ा
तब
सिलता
है
इक
बेटी
की
शादी
का
जोड़ा
Tanoj Dadhich
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बदनज़र
उठने
ही
वाली
थी
किसी
की
जानिब
अपने
बेटी
का
ख़याल
आया
तो
दिल
काँप
गया
Nawaz Deobandi
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उसका
नंबर
नहीं
किसी
ने
लिया
सब
समझते
रहे
परी
होगी
Idris Babar
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आ
रही
है
जो
बहू
सीधी
रहे
माँ
चाहती
जा
रही
बेटी
मगर
चालाक
होनी
चाहिए
Tanoj Dadhich
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कर
दिया
हवाले
अब
थाम
ले
या
ठुकरा
दे
हैं
थिरकते
जिस्म-ओ-जाँ
तेरे
इश्क़
में
बे-सुध
Abha sethi
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ये
ज़िन्दगी
ग़मगीन
है
ले
साध
वो
परवीन
है
क्या
ही
मज़ा
बिन
इनके
भी
सुख
दुख
ही
तो
जुद्रीन
है
झुमके
बना
दुख
टाँगे
जब
दिल
तब
से
ही
ये
क्लीन
है
खेलो
न
इस
इक
ज़ीस्त
से
मिलती
नहीं
दो
तीन
है
होगा
न
अब
बेरंग
कुछ
चश्मा
मिरा
रंगीन
है
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Abha sethi
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तुम
हो
हम
हो
ये
किनारा
कितना
प्यारा
है
नज़ारा
नौकरी
ने
वक़्त
खाया
ख़्वाब
टूटा
ये
बिचारा
कच्चे
हैं
हम
लड़
न
पाए
बख़्त
शातिर
है
हमारा
है
उतारी
दिल
से
दुनिया
अब
वो
है
मेरा
सहारा
छोड़ो
रहने
दो
ये
बातें
चिंता
में
दिल
का
ख़सारा
छू
ही
मंज़िल
लेंगे
अपनी
पक्का
है
ये
मन
हमारा
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Abha sethi
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साथ
ता-उम्र
अपना
होना
हो
ख़्वाब
साकार
ये
सलोना
हो
चाहूँ
ज़्यादा
न
बस
तिरे
दिल
में
छोटा
सा
इक
मिरा
भी
कोना
हो
टूट
के
बिखरूँ
तो
सुकूँ
मेरा
तेरी
ही
बाँहों
का
बिछौना
हो
खोए
इक
दूजे
में
रहे
हम
तुम
होता
हो
फिर
हो
जो
भी
होना
हो
बिखरे
चेहरे
की
आभा
भी
हर
सू
हो
मसर्रत
न
कोई
रोना
हो
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Abha sethi
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नाम
तेरे
ज़िंदगी
अपनी
यूँँ
लिखते
बन
हँसी
ता-उम्र
तेरे
लब
पे
दिखते
Abha sethi
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