hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Abha sethi
dhool men kho chuka zarra hooñ main
dhool men kho chuka zarra hooñ main | धूल में खो चुका ज़र्रा हूँ मैं
- Abha sethi
धूल
में
खो
चुका
ज़र्रा
हूँ
मैं
तुम
समुंदर
हो,
तो
क़तरा
हूँ
मैं
झूट
के
बल
न
चलाओ
रिश्ते
झूट
से
ठग
के
ही
बिखरा
हूँ
मैं
धोकों
ने
बदली
है
फ़ितरत
मेरी
हर
ग़लत
के
लिए
ख़तरा
हूँ
मैं
फ़िक्र
दुनिया
की
न
है
अब
कोई
सहता
कोई
भी
न
नख़रा
हूँ
मैं
अपने
ग़म
ढाल
बनाए
मैंने
तब
कहीं
जाके
तो
उभरा
हूँ
मैं
छोड़
के
मोह
किया
मन
कुंदन
पढ़
के
गीता
ही
तो
निखरा
हूँ
मैं
- Abha sethi
Download Ghazal Image
नाम
लिख
लिख
के
तिरा
फूल
बनाने
वाला
आज
फिर
शबनमीं
आँखों
से
वरक़
धोता
है
Ghulam Mohammad Qasir
Send
Download Image
24 Likes
हम
इक
ही
लौ
में
जलाते
रहे
ग़ज़ल
अपनी
नई
हवा
से
बचाते
रहे
ग़ज़ल
अपनी
दरअस्ल
उसको
फ़क़त
चाय
ख़त्म
करनी
थी
हम
उसके
कप
को
सुनाते
रहे
ग़ज़ल
अपनी
Read Full
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
66 Likes
चल
दिए
घर
से
तो
घर
नहीं
देखा
करते
जाने
वाले
कभी
मुड़
कर
नहीं
देखा
करते
सीपियां
कौन
किनारे
से
उठा
कर
भागा
ऐसी
बाते
समुंदर
नहीं
देखा
करते
Read Full
Unknown
Send
Download Image
23 Likes
वो
शाख़
है
न
फूल,
अगर
तितलियाँ
न
हों
वो
घर
भी
कोई
घर
है
जहाँ
बच्चियाँ
न
हों
Bashir Badr
Send
Download Image
42 Likes
मैं
जिसे
ओढ़ता
बिछाता
हूँ
वो
ग़ज़ल
आप
को
सुनाता
हूँ
एक
जंगल
है
तेरी
आँखों
में
मैं
जहाँ
राह
भूल
जाता
हूँ
Read Full
Dushyant Kumar
Send
Download Image
40 Likes
दिन
ढल
गया
और
रात
गुज़रने
की
आस
में
सूरज
नदी
में
डूब
गया,
हम
गिलास
में
Rahat Indori
Send
Download Image
122 Likes
लम्स
उसका
इस
क़दर
महसूस
होता
है
मुझे
हो
कोई
नाराज़
तितली
फूल
पर
बैठी
हुई
फ़िल्म
में
शायद
बिछड़ने
का
कोई
अब
सीन
है
और
मेरे
हाथ
को
वो
थाम
कर
बैठी
हुई
Read Full
Sunny Seher
Send
Download Image
5 Likes
काँटों
में
घिरे
फूल
को
चूम
आएगी
लेकिन
तितली
के
परों
को
कभी
छिलते
नहीं
देखा
Parveen Shakir
Send
Download Image
38 Likes
एक
ही
नदी
के
हैं
ये
दो
किनारे
दोस्तो
दोस्ताना
ज़िंदगी
से
मौत
से
यारी
रखो
Rahat Indori
Send
Download Image
50 Likes
रखते
हैं
मोबाइल
में
मोहब्बत
की
निशानी
अब
फूल
किताबों
में
छुपाया
नहीं
करते
Meharban Amrohvi
Send
Download Image
56 Likes
Read More
हक़
के
निशाँ
मेरे
न
झुटला
ही
कभी
पाओगे
तुम
मैं
डूब
तुम
में
ऐसे
'आभा'
छोड़
अपनी
जाउँगी
Abha sethi
Send
Download Image
2 Likes
तुम
हो
हम
हो
ये
किनारा
कितना
प्यारा
है
नज़ारा
नौकरी
ने
वक़्त
खाया
ख़्वाब
टूटा
ये
बिचारा
कच्चे
हैं
हम
लड़
न
पाए
बख़्त
शातिर
है
हमारा
है
उतारी
दिल
से
दुनिया
अब
वो
है
मेरा
सहारा
छोड़ो
रहने
दो
ये
बातें
चिंता
में
दिल
का
ख़सारा
छू
ही
मंज़िल
लेंगे
अपनी
पक्का
है
ये
मन
हमारा
Read Full
Abha sethi
Download Image
0 Likes
पल
पल
खनकती
बातें
करती
है
लगे
जैसे
के
हो
चंचल
सी
बातूनी
सखी
पाज़ेब
ये
जी
आपकी
Abha sethi
Send
Download Image
0 Likes
हर
शख़्स
के
बस
का
नहीं
ग़म
को
छिपाना
ख़ूबी
है
Abha sethi
Send
Download Image
0 Likes
वतन
महबूब
अपना,
इश्क़
शिद्दत
से
निभाते
हम
मुकर्रर
इक
न
दिन
है
इश्क़
हर
लम्हा
जताते
हम
हैं
था
में
हाथ
रखते
जान
भी
क़ुर्बान
उस
पर
ही
लिपट
आँचल
तिरंगे
में
फ़ना
उसके
हो
जाते
हम
Read Full
Abha sethi
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Wafa Shayari
Chai Shayari
Delhi Shayari
Birthday Shayari
Andaaz Shayari