maa | माँ

  - Rohit Upadhyay
माँ
एकजादूगरीतुमनेदेखीहै
एकमेंमैंनेउसख़ुदाकोरखाहै
बड़ेइत्मीनानसेसोचाहै
फिरहरपहलूमेंजहाँकोरखाहै
हरआवारगीमेंघूमताहूॅंपतंगोंकीतरह
उसज़मींसेनीचेआसमाॅंकोरखाहै
औरसुकूॅंकीनींदआतीहै
उसकेऑंचलकीओटमें
हरसबूतोंऔरगवाहों
कोमद्देनज़ररखतेहुए
सबसेेपहलेमाँकोरखाहै
  - Rohit Upadhyay
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy