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Aditya
kisi ki yaad men til til ke ghutna aur mar jaana
kisi ki yaad men til til ke ghutna aur mar jaana | किसी की याद में तिल तिल के घुटना और मर जाना
- Aditya
किसी
की
याद
में
तिल
तिल
के
घुटना
और
मर
जाना
ख़ुदा
दुश्मन
को
भी
ऐसी
पराई
मौत
ना
बख़्शे
- Aditya
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इस
तरह
रोते
हैं
हम
याद
तुझे
करते
हुए
जैसे
तू
होता
तो
सीने
से
लगा
लेता
हमें
Vikram Gaur Vairagi
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याद
भी
आता
नहीं
कुछ
भूलता
भी
कुछ
नहीं
या
बहुत
मसरूफ़
हूँ
मैं
या
बहुत
फ़ुर्सत
में
हूँ
Bharat Bhushan Pant
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आप
की
याद
आती
रही
रात
भर
चश्म-ए-नम
मुस्कुराती
रही
रात
भर
Makhdoom Mohiuddin
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ज़रूरत
सब
कराती
है
मोहब्बत
भी
इबादत
भी
नहीं
तो
कौन
बेमतलब
किसी
को
याद
करता
है
Umesh Maurya
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वो
कोई
दोस्त
था
अच्छे
दिनों
का
जो
पिछली
रात
से
याद
आ
रहा
है
Nasir Kazmi
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जाते
जाते
आप
इतना
काम
तो
कीजे
मिरा
याद
का
सारा
सर-ओ-सामाँ
जलाते
जाइए
Jaun Elia
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कैसे
किसी
की
याद
हमें
ज़िंदा
रखती
है
एक
ख़याल
सहारा
कैसे
हो
सकता
है
Jawwad Sheikh
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ग़ुर्बत
की
ठंडी
छाँव
में
याद
आई
उस
की
धूप
क़द्र-ए-वतन
हुई
हमें
तर्क-ए-वतन
के
बाद
Kaifi Azmi
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दिल
आबाद
कहाँ
रह
पाए
उस
की
याद
भुला
देने
से
कमरा
वीराँ
हो
जाता
है
इक
तस्वीर
हटा
देने
से
Jaleel 'Aali'
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बैठे
बिठाए
हम
को
सनम
याद
आ
गए
फिर
उन
के
साथ
उन
के
करम
याद
आ
गए
कोई
जो
राह
चलते
अचानक
मिला
मियाँ
हम
को
हर
एक
रंज-ओ-अलम
याद
आ
गए
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shaan manral
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हर
इक
दो
चार
दिन
में
तुम
नए
चेहरों
पे
मरते
हो
नए
लड़कों
तुम्हें
तो
इश्क़
करना
भी
नहीं
आता
Aditya
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कि
दिल
को
चीर
दिखाने
का
हमको
ज़ौक
नहीं
तेरी
नज़र
में
ग़लत
हैं
तो
हम
ग़लत
ही
सही
Aditya
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मोहब्बत
समझ
हमको
आने
लगी
है
जो
आँखों
की
नींद
अब
ठिकाने
लगी
है
चुराती
थी
पहले
ज़माने
से
नज़रें
वो
हम
सेे
क्यूँँ
नज़रें
चुराने
लगी
है
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Aditya
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हम
तुझे
इक
दफ़ा
अगर
चाहें
तू
भी
चाहेगा
उम्र-भर
चाहें
चाहते
हैं
तुझे
दिल-ओ-जाँ
से
हम
तुझे
और
किस
क़दर
चाहें
हम
तुझे
इस
तरह
से
चाहेंगे
ज्यूँँ
बहारों
को
ये
शजर
चाहें
हम
नहीं
चाहते
तेरी
हिजरत
हम
तिरा
आसरा
मगर
चाहें
तू
न
चाहे
हमें
तेरी
मर्ज़ी
हम
मगर
तुझको
उम्र
भर
चाहें
चाहिए
तुझको
तू
हमें
चाहे
हम
अगर
तुझको
इस
क़दर
चाहें
तुझ
में
रहना
मेरी
ग़ज़ल
चाहे
देखना
तुझको
बाम-ओ-दर
चाहें
ये
ग़ज़ल
कह
के
थक
गए
हैं
सो
चूमना
तुझको
ये
अधर
चाहें
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Aditya
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बस
इक
ही
घूंट
पीने
पर
कभी
फिर
होंट
ना
सूखें
हमारी
प्यास
को
क्यूँँं
ऐसा
मयखाना
नहीं
मिलता
Aditya
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