shaam utri aasmaañ se yaad unki aa gaii | शाम उतरी आसमाँ से याद उनकी आ गई

  - Aditya
शामउतरीआसमाँसेयादउनकीगई
औरआँखोंकीनमीइनकागज़ोंपेछागई
इकसियाहीछागईउसआसमाँकेशहरमें
एककालीरातमेरेदिलपेभीगहरागई
हमदरख़्तोंकोभीयादेंअपनोंकीआनेलगी
पासकेजंगलकीख़ुश्बूजोहवामहकागई
एकतोपहलीमोहब्बतफिरकमीदिलदारकी
तीसरीतन्हाईमिलकरजानमेरीखागई
माँनेपूछाक्यूँँख़फ़ाहोबातभीकरतेनहीं
इतनेमेंआँखोंसेमेरेशा'इरीउतरागई
माँकोशकथाबसयहीहमभीमोहब्बत-बाज़है
उसपेमेरीशा'इरीउनकोयक़ींदिलवागई
  - Aditya
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