shaam hone ko hai ab laut ke ghar aa jaao | शाम होने को है अब लौट के घर आ जाओ

  - Aditya
शामहोनेकोहैअबलौटकेघरजाओ
नौ-परिंदेकीगुज़ारिशहैकिपरआओ
मुझसेेनाराज़होनाराज़बनेरहनातुम
रातहोनेसेज़रापहलेमगरजाओ
एकमुद्दतसेकोईदरपेमेरेआयानहीं
शख़्सआएअगर,कोईख़बरजाओ
कुछदिनोंसेमेरीआँखेंहैंबहुतख़ालीसी
इनकोभरनेकेलिएदर्द-ए-जिगरजाओ
रातआधीहैमगरनींदनज़रआएनहीं
सुब्हकीपहलीकिरणतुमहीनज़रजाओ
  - Aditya
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