kasak dil ki mitaane men zaraa si der lagti hai | कसक दिल की मिटाने में ज़रा सी देर लगती है

  - Aadil Rahi
कसकदिलकीमिटानेमेंज़रासीदेरलगतीहै
किसीकाग़मभुलानेमेंज़रासीदेरलगतीहै
किसीकोचाहकरअपनाबनानाठीकहैलेकिन
मोहब्बतआज़मानेमेंज़रासीदेरलगतीहै
तुम्हेंपानेकीख़्वाहिशमेंहुआएहसासयेमुझको
मुक़द्दरआज़मानेमेंज़रासीदेरलगतीहै
जिसेमिन्नतमुरादोंसेबड़ीमुश्किलसेपायाहो
उसेदिलसेभुलानेमेंज़रासीदेरलगतीहै
किजिसदिलकीज़मींबरसोंसेबंजरहोतोफिरउसपर
नईचाहतउगानेमेंज़रासीदेरलगतीहै
ग़ज़लपढ़करतोआसानीसेमहफ़िललूटसकतेहो
मगरइज़्ज़तकमानेमेंज़रासीदेरलगतीहै
दिल-ए-मुज़्तरकोआख़िरकौनसमझाएगा'राही'
सुकून-ए-क़ल्बपानेमेंज़रासीदेरलगतीहै
  - Aadil Rahi
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