hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
ATUL SINGH
khoobsurat saath beete vo hamaare pal sabhi the
khoobsurat saath beete vo hamaare pal sabhi the | ख़ूब-सूरत साथ बीते वो हमारे पल सभी थे
- ATUL SINGH
ख़ूब-सूरत
साथ
बीते
वो
हमारे
पल
सभी
थे
थे
मगर
गुज़रे
हुए
बस
वो
हमारे
कल
सभी
थे
- ATUL SINGH
Download Sher Image
वो
किसी
के
साथ
ख़ुश
था
कितने
दुख
की
बात
थी
अब
मेरे
पहलू
में
आ
कर
रो
रहा
है
ख़ुश
हूँ
मैं
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
101 Likes
जो
मेरे
साथ
मोहब्बत
में
हुई
आदमी
एक
दफा
सोचेगा
रात
इस
डर
में
गुजारी
हमने
कोई
देखेगा
तो
क्या
सोचेगा
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
87 Likes
हम
ऐसे
लोग
भी
जाने
कहाँ
से
आते
हैं
ख़ुशी
में
रोते
हैं
जो
ग़म
में
मुस्कुराते
हैं
हमारा
साथ
भला
कब
तलक
निभाते
आप
कभी
कभी
तो
हमीं
ख़ुद
से
ऊब
जाते
हैं
Read Full
Mohit Dixit
Send
Download Image
8 Likes
पता
करो
कि
मेरे
साथ
कौन
उतरा
था
ज़मीं
पे
कोई
अकेला
नहीं
उतरता
है
Ahmad Abdullah
Send
Download Image
50 Likes
सिर्फ़
तस्वीर
रह
गई
बाक़ी
जिस
में
हम
एक
साथ
बैठे
हैं
Ataul Hasan
Send
Download Image
38 Likes
जाने
अब
वो
किसके
साथ
निकलता
होगा
रातों
को
जाने
कौन
लगाता
होगा
दो
घंटे
तैयारी
में
Danish Naqvi
Send
Download Image
31 Likes
टेंशन
से
मरेगा
न
कोरोने
से
मरेगा
इक
शख़्स
तेरे
साथ
न
होने
से
मरेगा
Idris Babar
Send
Download Image
27 Likes
बड़ी
मुश्किल
से
नीचे
बैठते
हैं
जो
तेरे
साथ
उठते
बैठते
हैं
Khurram Afaq
Send
Download Image
30 Likes
मेरे
साथ
हँसने
वालों
शरीक
हों
दुख
में
गर
गुलाब
की
ख़्वाहिश
है
तो
चूम
काँटों
को
Neeraj Neer
Send
Download Image
43 Likes
सफ़र
हालाँकि
तेरे
साथ
अच्छा
चल
रहा
है
बराबर
से
मगर
एक
और
रास्ता
चल
रहा
है
Shariq Kaifi
Send
Download Image
36 Likes
Read More
फिर
से
गिर
जाएँ
ऐसा
हाल
नहीं
इश्क़
में
अब
तेरे
कमाल
नहीं
मैंने
देखा
था
तुझको
ख़्वाबों
में
अब
हक़ीक़त
का
भी
ख़याल
नहीं
मुद्दतों
बाद
वो
मिला
इक
दिन
था
बिछड़ने
का
भी
मलाल
नहीं
दे
रहे
हैं
वो
सब
जवाब
मुझे
जो
समझते
मेरा
सवाल
नहीं
उसकी
मेहँदी
में
नाम
तो
है
मेरा
हाँ
मगर
उसका
रंग
लाल
नहीं
ग़म
को
मेरे
तू
कैसे
समझेगा
तूने
देखा
मेरा
विसाल
नहीं
Read Full
ATUL SINGH
Download Image
1 Like
हौसला
देख
मेरा
झुक
गया
वो
पर्वत
भी
वो
जिसे
नाज़
था
ख़ुद
की
कभी
ऊँचाई
पर
ATUL SINGH
Send
Download Image
17 Likes
वो
शख़्स
मेरे
ग़म
को
समझे
भी
कैसे
आख़िर
चेहरे
को
पढ़ना
तो
उसको
आता
ही
नहीं
हैं
ATUL SINGH
Send
Download Image
18 Likes
मुसलसल
काटते
हो
और
फिर
काग़ज़
बनाते
हो
बड़े
ही
बेशर्म
हो
पेड़
भी
तुम
ख़ुद
लगाते
हो
ATUL SINGH
Send
Download Image
22 Likes
उसे
मैं
भूल
जाऊँ
ये
मगर
आसान
थोड़ी
है
मोहब्बत
है
किसी
नेता
का
ये
ईमान
थोड़ी
है
ATUL SINGH
Send
Download Image
25 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Kashmir Shayari
Rang Shayari
Diwali Shayari
Aarzoo Shayari
Pollution Shayari