hai shukr tishnagi men to gareeb hooñ main nahin | है शुक्र तिश्नगी में तो ग़रीब हूँ मैं नहीं

  - kapil verma
हैशुक्रतिश्नगीमेंतोग़रीबहूँमैंनहीं
पसंदतुमहोभलेहीक़रीबहूँमैंनहीं
येलहरसाजोहिलोरेलिएबहूँहरदम
मगरवोचाँदकादिलकशहबीबहूँमैंनहीं
फ़िराक़कीयेचकतभरसकेहैकौनभला
मिजाज़-ए-वक़्तसामाहिरतबीबहूँमैंनहीं
येरोज़-ए-हश्रकेहैंदोस्तयारहीबेहतर
किकाफ़िरोंसेबड़ातोरक़ीबहूँमैंनहीं
चाँदहैपरीहैकोईरंग-ओ-बू
ख़ुदअपनेख़्वाबमेंभीबा-नसीबहूँमैंनहीं
  - kapil verma
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