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100rav
use bharam hai ye ki uskaa jism chahta hooñ main
use bharam hai ye ki uskaa jism chahta hooñ main | उसे भरम है ये कि उसका जिस्म चाहता हूँ मैं
- 100rav
उसे
भरम
है
ये
कि
उसका
जिस्म
चाहता
हूँ
मैं
मेरे
किताब
में
है
इक
गुलाब
चार
साल
से
- 100rav
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शब
की
हवा
से
हार
गई
मेरे
दिल
की
आग
यख़-बस्ता
शहर
में
कोई
रद्द-ओ-बदल
न
था
Qaisar-ul-Jafri
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सर
पर
हवा-ए-ज़ुल्म
चले
सौ
जतन
के
साथ
अपनी
कुलाह
कज
है
उसी
बाँकपन
के
साथ
Majrooh Sultanpuri
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पहले
उसकी
ख़ुशबू
मैंने
ख़ुद
पर
तारी
की
फिर
मैंने
उस
फूल
से
मिलने
की
तैयारी
की
इतना
दुख
था
मुझको
तेरे
लौट
के
जाने
का
मैंने
घर
के
दरवाजों
से
भी
मुँह
मारी
की
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Tehzeeb Hafi
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दिल
की
चोटों
ने
कभी
चैन
से
रहने
न
दिया
जब
चली
सर्द
हवा
मैं
ने
तुझे
याद
किया
Josh Malihabadi
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मिरे
ही
वास्ते
लाया
है
दोनो
फूल
और
ख़ंजर
मुझे
ये
देखना
है
बस
वो
पहले
क्या
उठाता
है
Parul Singh "Noor"
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ये
हवा
सारे
चराग़ों
को
उड़ा
ले
जाएगी
रात
ढलने
तक
यहाँ
सब
कुछ
धुआँ
हो
जाएगा
Naseer Turabi
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तितली
वो
ही
फूल
चुनेगी
जिस
पर
उसका
दिल
आए
इक
लड़की
के
पीछे
इतनी
मारामारी
ठीक
नहीं
Shubham Seth
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है
समझना
आपको
तो
शे'र
से
इज़हार
समझें
बात
कहने
को
भला
हम
फूल
क्यूँ
तोड़ा
करेंगे
Ankit Maurya
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तू
किसी
और
ही
दुनिया
में
मिली
थी
मुझ
सेे
तू
किसी
और
ही
मौसम
की
महक
लाई
थी
डर
रहा
था
कि
कहीं
ज़ख़्म
न
भर
जाएँ
मेरे
और
तू
मुट्ठियाँ
भर-भर
के
नमक
लाई
थी
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Tehzeeb Hafi
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यूँँ
तो
वो
इत्रदान
था
लेकिन
ये
क्या
हुआ
टूटा
तो
एक
सम्त
भी
ख़ुशबू
नहीं
गई
Afzal Ali Afzal
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जो
कितनों
के
लिए
इक
ख़्वाब
सा
है
ये
रहमत
उसकी
मुझको
दोस्त
माना
100rav
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कोई
समझे
तो
एक
बात
कहूँ
एक
लड़की
को
काएनात
कहूँ
लोग
पागल
कहेंगे
क्या
मैं
अगर
सिर्फ़
इंसानियत
को
ज़ात
कहूँ
गाँव
वालों
का
कुछ
लुटा
ही
नहीं
पर
मैं
कैसे
उसे
बरात
कहूँ
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100rav
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तेरे
जाने
बाद
जाना
झूठ
था
जी
नहीं
पाऊँगा
मैं
तेरे
बिना
100rav
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मुहब्बत
मुझ
सेे
और
चिट्ठी
किसी
और
से
तुझे
आती
है
अब
हिचकी
किसी
और
से
मेरे
हिस्से
में
दिन
और
रात
उसके
साथ
ली
सब्ज़ी
मुझ
सेे
और
रोटी
किसी
और
से
किसी
और
से
मुहब्बत
करते
हैं
जब
लोग
तो
क्यूँ
कर
लेते
हैं
शादी
किसी
और
से
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100rav
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सीखना
है
अब
मुझे
रक़ीब
से
भी
एक
फ़न
कैसे
पाते
हैं
नसीब
में
जो
दूसरे
का
हो
100rav
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